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राज्यसभा चुनाव का ऐलान, यूपी-उत्तराखंड की 11 सीटों पर 16 अक्टूबर को वोटिंग

राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। भाजपा से जुड़े कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव की सीट भी

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  • September 22, 2026 12:44 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट शामिल है। इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल की 1 राज्यसभा सीट पर भी इसी दिन उपचुनाव कराया जाएगा। इस तरह 16 अक्टूबर को कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया होगी। पश्चिम बंगाल की सीट सांसद रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 16 अक्टूबर मतदान होगा और इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनावी प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, उनमें अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रोफेसर राम गोपाल यादव, रामजी, बीएल वर्मा, सीमा, दिनेश शर्मा और हरदीप सिंह पुरी से जुड़ी सीटें शामिल हैं। इनमें से नौ सदस्यों का नियमित कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है, जबकि दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई है। दिनेश शर्मा को हाल ही में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। उत्तराखंड में नरेश बंसल का कार्यकाल भी 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

उत्तर प्रदेश के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव से पहले उच्च सदन में नए समीकरण बनेंगे। राज्यसभा के सदस्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के जरिए चुने जाते हैं और इसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व तथा एकल संक्रमणीय मत प्रणाली का इस्तेमाल होता है। इसलिए विधानसभा में किसी दल की मौजूदा संख्या का राज्यसभा चुनाव के परिणाम पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। मौजूदा सदस्यों में अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेता शामिल हैं। भाजपा से जुड़े कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव की सीट भी चुनाव के दायरे में है। हालांकि नए उम्मीदवारों को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित राजनीतिक दलों द्वारा किया जाएगा।

इसी बीच चुनाव आयोग ने चार राज्यों में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कुल 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव होगा। उत्तर प्रदेश में 11, बिहार में 8, कर्नाटक में 4और महाराष्ट्र में 5 सीटें शामिल हैं। इन सीटों के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे।

विधान परिषद चुनावों के लिए नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।

राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों की एक साथ घोषणा से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। एक तरफ राज्यसभा की 10 सीटों के लिए दलों को उम्मीदवार तय करने होंगे, वहीं दूसरी तरफ विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी दावेदार सक्रिय होंगे। दोनों चुनावों में उम्मीदवारों के चयन और संबंधित निर्वाचक मंडल के समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के भीतर बैठकों और उम्मीदवारों के नामों पर मंथन का दौर तेज हो सकता है। राज्यसभा के लिए 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है, इसलिए उससे पहले तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होने की संभावना है। 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना के बाद राज्यसभा की नई तस्वीर सामने आएगी। इसके बाद 23 और 27 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में उच्च सदन के समीकरणों को प्रभावित करेंगे।

 

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