फिटनेस डेस्क / नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर फिटनेस से जुड़े वीडियो अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं, लेकिन कुछ वीडियो अपनी अनोखी व्यायाम शैली के कारण चर्चा का विषय बन जाते हैं। इंस्टाग्राम पर सामने आए एक ऐसे ही वीडियो में एक युवक भारी दिखाई देने वाली लकड़ी की बीम के सहारे व्यायाम करता नजर आ रहा है। युवक की विकसित मांसपेशियां और कसरत का अलग अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है।
इंस्टाग्राम अकाउंट healthy_becoming.01 पर साझा किए गए इस वीडियो में युवक बिना शर्ट के खुले स्थान पर बैठकर लकड़ी की एक बड़ी बीम को अपने कंधे और हाथों के सहारे संभालता दिखाई देता है। वीडियो के कैप्शन में इसे देसी जिम का अनोखा उदाहरण बताते हुए युवक की ताकत की प्रशंसा की गई है। हालांकि, वीडियो से लकड़ी का वास्तविक वजन, युवक की पहचान और उसकी प्रशिक्षण पद्धति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
महंगे जिम उपकरणों से अलग दिखा देसी कसरत का अंदाज
आमतौर पर आधुनिक जिम में मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए डंबल, बारबेल और विभिन्न प्रकार की मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत, इस वीडियो में युवक लकड़ी की बड़ी बीम के साथ अभ्यास करता दिखाई दे रहा है।
इस तरह का व्यायाम पारंपरिक शारीरिक प्रशिक्षण की याद दिलाता है, जिसमें आधुनिक मशीनों के बजाय लकड़ी, पत्थर और शरीर के अपने वजन का इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई गई गतिविधि को किसी विशेष पारंपरिक व्यायाम पद्धति का प्रमाणित उदाहरण नहीं माना जा सकता।
आखिर कितनी भारी है लकड़ी की बीम? वीडियो में दिखाई देने वाली लकड़ी आकार में काफी बड़ी नजर आती है। इसकी लंबाई और मोटाई को देखकर यह भारी प्रतीत होती है, लेकिन केवल तस्वीर या वीडियो के आधार पर इसके वास्तविक वजन का अनुमान लगाना संभव नहीं है। किसी लकड़ी का वजन उसकी प्रजाति, घनत्व, आकार और उसमें मौजूद नमी पर निर्भर करता है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी उपकरण को देखकर उसके वजन या उसे उठाने वाले व्यक्ति की वास्तविक ताकत का सटीक आकलन नहीं किया जा सकता। वीडियो में युवक के शरीर की बनावट से नियमित शक्ति प्रशिक्षण का संकेत जरूर मिलता है, लेकिन उसकी फिटनेस दिनचर्या, खानपान और अभ्यास के अनुभव की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह वीडियो एक दिलचस्प सवाल उठाता है कि क्या मजबूत शरीर बनाने के लिए महंगे जिम और आधुनिक मशीनों का होना जरूरी है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन (ACSM) की मार्च 2026 में प्रकाशित प्रशिक्षण संबंधी सिफारिशों के अनुसार, नियमित व्यायाम और व्यक्ति की क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हैं। बॉडीवेट एक्सरसाइज, रेजिस्टेंस बैंड और घर पर किए जाने वाले व्यायाम भी शारीरिक ताकत और मांसपेशियों के विकास में सहायक हो सकते हैं।
इसका अर्थ है कि सही तकनीक, नियमित अभ्यास और संतुलित प्रशिक्षण के माध्यम से बिना अत्याधुनिक उपकरणों के भी फिटनेस में सुधार किया जा सकता है।
सोशल मीडिया ने फिटनेस की दुनिया को एक नया मंच दिया है। यहां लोग अपनी कसरत, शारीरिक बदलाव और अलग-अलग प्रशिक्षण विधियों से जुड़े वीडियो साझा करते हैं।
सामने आए इस इंस्टाग्राम पोस्ट में युवक की मांसपेशियों और लकड़ी के सहारे किए जा रहे अभ्यास को प्रमुखता से दिखाया गया है। पोस्ट के कैप्शन में देसी ट्रिक से दस गुना ताकत पाने जैसा दावा भी किया गया है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण या परीक्षण परिणाम उपलब्ध नहीं कराया गया है।
ऐसे वीडियो दर्शकों को व्यायाम के लिए प्रेरित कर सकते हैं, लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति की शारीरिक क्षमता को अपनी फिटनेस का मानक मानना उचित नहीं है।
लकड़ी जैसी बड़ी और असमान आकार वाली वस्तु के साथ व्यायाम करना जोखिम भरा हो सकता है। वजन का संतुलन बिगड़ने से कंधे, गर्दन, कलाई या पीठ में चोट लग सकती है। फिटनेस की शुरुआत करने वाले लोगों को बिना प्रशिक्षक की निगरानी के ऐसे अभ्यास की नकल नहीं करनी चाहिए। ACSM की प्रशिक्षण संबंधी सिफारिशें भी व्यक्ति की क्षमता के अनुसार व्यायाम चुनने और धीरे-धीरे प्रशिक्षण का स्तर बढ़ाने पर जोर देती हैं।
फिटनेस के लिए नियमित अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण
मजबूत शरीर बनाने के लिए केवल भारी वजन उठाना पर्याप्त नहीं है। नियमित व्यायाम के साथ उचित पोषण, पर्याप्त नींद और शरीर को आराम देना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों की प्रशिक्षण संबंधी सिफारिशों के अनुसार, व्यक्ति को अपनी शारीरिक क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप व्यायाम करना चाहिए। अत्यधिक वजन उठाने की जल्दबाजी के बजाय सही तकनीक सीखने और नियमितता बनाए रखने पर ध्यान देना अधिक उपयोगी है। इंस्टाग्राम पर सामने आया यह वीडियो देसी अंदाज में कसरत का एक आकर्षक उदाहरण है। हालांकि, युवक की वास्तविक ताकत और प्रशिक्षण के बारे में प्रमाणित जानकारी उपलब्ध होने तक इसे किसी असाधारण शारीरिक उपलब्धि का प्रमाण नहीं माना जा सकता।