सपा-कांग्रेस की खींचतान पर राजभर का तंज

सपा और कांग्रेस के बीच उत्तर प्रदेश में संभावित चुनावी तालमेल को लेकर सीट बंटवारे और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर बयान सामने आते रहे हैं। अगस्त में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि गठबंधन को लेकर सीट बंटवारे की बातचीत...

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  • September 28, 2026 1:04 pm IST, Published 2 hours ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संबंधों को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दोनों दलों के नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी का जिक्र करते हुए उनके गठबंधन को ‘ठगबंधन’ करार दिया।

राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कांग्रेस और सपा नेताओं के हालिया बयानों का हवाला दिया। उन्होंने रायबरेली, इटावा और जसवंतनगर का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन के दोनों घटकों के नेताओं के बीच राजनीतिक खींचतान दिखाई दे रही है। उन्होंने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बयानों का भी उल्लेख किया। राजभर का दावा है कि दोनों दलों के नेता सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे पर टिप्पणियां कर रहे हैं, जिससे गठबंधन की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम का भी नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व को लेकर खींचतान चल रही है। राजभर ने इसी आधार पर गठबंधन की प्रकृति पर सवाल उठाते हुए इसे ‘ठगबंधन’ कहकर तंज किया। उनके बयान को मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर उनकी पार्टी के रुख के तौर पर देखा जा रहा है। यह राजभर का राजनीतिक आरोप है, जिसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव को अमेठी जाने की सलाह भी दी। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हार का संदर्भ देते हुए अखिलेश पर राजनीतिक तंज कसा। 2024 में अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने भाजपा की स्मृति ईरानी को हराया था, जबकि राहुल गांधी ने रायबरेली से चुनाव जीता था। इसलिए राजभर के बयान में अमेठी को लेकर किया गया संदर्भ मौजूदा राजनीतिक तंज का हिस्सा है।

सपा और कांग्रेस के बीच उत्तर प्रदेश में संभावित चुनावी तालमेल को लेकर सीट बंटवारे और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर बयान सामने आते रहे हैं। अगस्त में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि गठबंधन को लेकर सीट बंटवारे की बातचीत सितंबर से शुरू होने और अक्टूबर तक सहमति बनाने की बात कही गई थी। कांग्रेस ने अखिलेश यादव को गठबंधन का चेहरा बनाए जाने की संभावना पर भी बयान दिया था।

हाल के दिनों में ओमप्रकाश राजभर लगातार सपा और अखिलेश यादव पर राजनीतिक हमले करते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने सपा को लेकर सीट बंटवारे और पार्टी की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए थे। सितंबर में उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति और सपा के सामाजिक आधार को लेकर भी टिप्पणियां की थीं।

ताजा बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। सपा और कांग्रेस के बीच संभावित तालमेल, सीटों के बंटवारे और दोनों दलों के नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी आने वाले समय में राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दे बने रह सकते हैं। वहीं, राजभर का ताजा हमला यह दिखाता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता विपक्षी दलों के बीच संबंधों को लेकर राजनीतिक निशाना साधने में सक्रिय हैं।

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