नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और फैमिली पेंशनर्स के लिए सोमवार को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान के तहत इस सुविधा का शुभारंभ किया। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र पेंशनर्स को इलाज के लिए पहले अपनी जेब से रकम खर्च करने और बाद में उसके भुगतान के लिए लंबी रीइम्बर्समेंट प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। रिपोर्टों के मुताबिक इस सुविधा से करीब 50 हजार पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को उन कर्मचारियों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष दिल्ली की सेवा में लगाए, उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर इलाज के खर्च को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई कैशलेस व्यवस्था का उद्देश्य पेंशनर्स को स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सहज और सम्मानजनक तरीके से उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली जल बोर्ड के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को सूचीबद्ध यानी एम्पैनल्ड अस्पतालों में विभिन्न प्रकार के उपचार की सुविधा कैशलेस मिलेगी। इसमें इमरजेंसी उपचार के साथ नियोजित इलाज और गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल टेस्ट की सुविधा भी कैशलेस व्यवस्था के दायरे में रखी गई है।
अब तक इलाज की जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कई मामलों में उपचार का खर्च खुद वहन करना पड़ता था। इसके बाद खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए संबंधित विभाग में आवेदन और जरूरी दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती थी। बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया समय लेने वाली और परेशानी भरी हो सकती थी। नई व्यवस्था में सरकार ने इसी प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन से प्रेरित सेवा भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है। इसी अभियान के तहत सरकार अलग-अलग वर्गों के लिए सुविधाएं शुरू कर रही है। दिल्ली जल बोर्ड के पेंशनर्स के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा को भी इसी क्रम की पहल बताया गया है।
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और विधायक सतीश उपाध्याय समेत कई अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि जल बोर्ड के कर्मचारियों ने कई वर्षों तक दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था और नागरिक सेवाओं से जुड़े काम में योगदान दिया है। ऐसे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए अनावश्यक आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी से बचाना जरूरी है।
दिल्ली जल बोर्ड के पेंशनर्स के लिए शुरू की गई यह सुविधा लंबे समय से चली आ रही एक व्यावहारिक समस्या को दूर करने की दिशा में कदम मानी जा रही है। खासतौर पर गंभीर बीमारी या अचानक स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में इलाज के लिए बड़ी रकम की तत्काल व्यवस्था करना बुजुर्गों के लिए मुश्किल हो सकता है। कैशलेस व्यवस्था में उपचार के समय भुगतान की जरूरत नहीं होने से ऐसे लाभार्थियों को आर्थिक दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार की ओर से शुरू की गई व्यवस्था का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि एम्पैनल्ड अस्पतालों में सुविधा कितनी आसानी से उपलब्ध होती है और लाभार्थियों को इसका इस्तेमाल करने में किसी तरह की प्रशासनिक परेशानी तो नहीं आती। फिलहाल योजना के शुरू होने से दिल्ली जल बोर्ड के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए इलाज से जुड़ी एक बड़ी चिंता कम होने की उम्मीद है।