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दिल्ली में महिलाओं का मुफ्त बस सफर, पिंक कार्ड का नया नियम

दिल्ली में सार्वजनिक बसों से सफर करने वाली महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को लेकर पिंक सहेेली स्मार्ट कार्ड यानी Pink Saheli Smart Card/NCMC की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है।

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Gauravshali Bharat News
  • October 5, 2026 8:36 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली। दिल्ली में सार्वजनिक बसों से सफर करने वाली महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को लेकर पिंक सहेेली स्मार्ट कार्ड यानी Pink Saheli Smart Card/NCMC की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों में पात्र महिलाओं को मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराने के लिए इस स्मार्ट कार्ड को इस्तेमाल करने की व्यवस्था की गई है। दिल्ली सरकार की परिवहन व्यवस्था से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्ड महिलाओं के साथ पात्र ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए भी लागू है।

दरअसल, दिल्ली में महिलाओं को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा पहले से उपलब्ध है। अब इस सुविधा को स्मार्ट कार्ड आधारित व्यवस्था से जोड़ने का उद्देश्य यात्रा प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जानना जरूरी है कि पिंक सहेेली कार्ड किसे मिलेगा, इसका इस्तेमाल कहां किया जा सकेगा और कार्ड नहीं होने पर यात्रा के दौरान क्या व्यवस्था रहेगी।

पिंक सहेेली स्मार्ट कार्ड क्या है?

पिंक सहेेली स्मार्ट कार्ड एक National Common Mobility Card (NCMC) आधारित कार्ड है, जिसे दिल्ली की पात्र महिला यात्रियों को मुफ्त बस यात्रा के लिए उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। DTC के दस्तावेजों के मुताबिक कार्ड के जरिए पात्र महिला और ट्रांसजेंडर यात्री DTC तथा क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।

इस कार्ड की खासियत यह है कि यह केवल सामान्य कागजी टिकट व्यवस्था तक सीमित नहीं है। NCMC तकनीक के कारण कार्ड को अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में भी इस्तेमाल करने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। हालांकि अन्य ट्रांजिट सिस्टम में यात्रा के लिए कार्ड में टॉप-अप या रिचार्ज की जरूरत हो सकती है।

किन महिलाओं को मिलेगा मुफ्त सफर का लाभ?

आधिकारिक DTC दस्तावेजों में पिंक NCMC स्मार्ट कार्ड के लिए पात्रता में महिला आवेदक का दिल्ली का वास्तविक निवासी होना और उसकी उम्र कम से कम 12 वर्ष होना शामिल है। पात्र ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए भी कार्ड की व्यवस्था है।

इसका मतलब यह है कि केवल दिल्ली में आने वाली किसी भी महिला को स्वतः इस कार्ड की पात्रता नहीं मिल जाती। योजना का लाभ लेने के लिए दिल्ली निवासी होने से संबंधित निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।

कार्ड जारी करने के लिए KYC से जुड़ी प्रक्रिया भी रखी गई है। अलग-अलग कार्ड विकल्पों में मोबाइल, आधार और अन्य पहचान/पते से संबंधित सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए आवेदन करते समय उपलब्ध आधिकारिक निर्देशों के अनुसार दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी होगा।

DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा

पिंक सहेेली कार्ड का सबसे बड़ा लाभ DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा है। DTC के आधिकारिक दस्तावेजों में स्पष्ट किया गया है कि पात्र महिला और ट्रांसजेंडर कार्डधारक इन बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।

दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में बड़ी संख्या में महिलाएं रोजाना काम, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बसों का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे यात्रियों के लिए स्मार्ट कार्ड व्यवस्था यात्रा के दौरान भुगतान संबंधी प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद कर सकती है।

दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी महिलाओं के लिए DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का उल्लेख किया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 56.21 करोड़ महिला यात्रियों ने इस सुविधा के तहत मुफ्त यात्रा की थी और सरकार की ओर से 562.17 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई थी।

कार्ड नहीं है तो क्या होगा?

पिंक कार्ड को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि जिन महिलाओं के पास कार्ड नहीं है, उनके लिए यात्रा की क्या व्यवस्था होगी। उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज स्मार्ट कार्ड व्यवस्था को मुफ्त यात्रा सुविधा से जोड़ते हैं, लेकिन कार्ड जारी करने और उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग चरणों में नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों को कार्ड से जुड़ी वर्तमान व्यवस्था की पुष्टि DTC के आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए।

स्मार्ट कार्ड व्यवस्था का उद्देश्य मुफ्त यात्रा को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे अधिक डिजिटल और प्रमाणित तरीके से संचालित करना है। DTC की निविदा और NCMC से संबंधित दस्तावेजों में महिला यात्रियों के लिए फ्री ट्रैवल कार्ड की व्यवस्था स्पष्ट रूप से दर्ज है।

आवेदन और KYC प्रक्रिया पर भी ध्यान जरूरी

DTC के दस्तावेजों में पिंक स्मार्ट कार्ड के लिए ऑनलाइन पंजीकरण तथा बैंक के माध्यम से कार्ड जारी करने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। Full KYC वाले कार्ड में नाम, फोटो और अन्य विवरण दर्ज किए जा सकते हैं। कुछ विकल्पों में मोबाइल और आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी बताई गई है।

इसलिए महिलाओं को किसी अनधिकृत व्यक्ति या वेबसाइट के माध्यम से कार्ड बनवाने से बचना चाहिए। आवेदन से पहले DTC की आधिकारिक जानकारी और अधिकृत केंद्रों की पुष्टि करना जरूरी है।

मुफ्त यात्रा के साथ डिजिटल परिवहन की ओर कदम

पिंक सहेेली स्मार्ट कार्ड को केवल मुफ्त बस यात्रा का माध्यम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को डिजिटल बनाने की दिशा में एक कदम के तौर पर भी देखा जा सकता है। NCMC तकनीक के जरिए एक ही कार्ड को भविष्य में अलग-अलग सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ जोड़ने की संभावनाएं मौजूद हैं।

DTC के दस्तावेजों में कार्ड को अन्य ट्रांजिट सिस्टम के लिए टॉप-अप/रिचार्ज सुविधा से जोड़ने का भी उल्लेख है। यानी भविष्य में एक स्मार्ट कार्ड के माध्यम से अलग-अलग परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल करने की दिशा में व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

महिलाओं के लिए जरूरी बातें

पिंक सहेेली कार्ड पात्र महिला यात्रियों के लिए है।

दिल्ली की पात्र महिला निवासी इसका लाभ ले सकती हैं।

निर्धारित पात्रता में 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र का प्रावधान है।

DTC और क्लस्टर बसों में पात्र कार्डधारकों के लिए यात्रा मुफ्त है।

NCMC कार्ड को अन्य परिवहन सेवाओं के लिए टॉप-अप किया जा सकता है।

आवेदन और KYC के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करें।

कार्ड से जुड़े नए नियमों या प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी DTC के आधिकारिक माध्यम से जांचें।

कुल मिलाकर, दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को स्मार्ट कार्ड व्यवस्था से जोड़ना सार्वजनिक परिवहन को अधिक डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम है। महिलाओं को अब पिंक सहेेली स्मार्ट कार्ड की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी रखना जरूरी हो गया है, ताकि मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

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