सूर्य घर योजना में यूपी नंबर-1, 8.76 लाख घरों पर सोलर

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

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  • October 5, 2026 8:22 pm IST, Published 37 minutes ago

लखनऊ, । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में अब तक 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पीछे छोड़ते हुए देश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

प्रदेश सरकार के अनुसार यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर सौर ऊर्जा’ के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की नियमित मॉनिटरिंग के साथ यूपीनेडा, बिजली विभाग, डिस्कॉम, बैंकिंग संस्थानों और अधिकृत वेंडर्स के समन्वित प्रयासों ने योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

2,942 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता स्थापित

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब तक 2,942 मेगावाट से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है। इससे प्रतिदिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित हुई है। इसका सीधा लाभ घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिल रहा है और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली के खर्च में कमी आने के साथ प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।

रूफटॉप सोलर सिस्टम का विस्तार केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। इससे बड़े पैमाने पर भूमि की आवश्यकता भी कम होती है। अनुमान के अनुसार मौजूदा रूफटॉप सोलर क्षमता के कारण लगभग 11,700 एकड़ भूमि के बराबर भू-आवश्यकता से बचाव हुआ है।

34 लाख टन से ज्यादा CO₂ उत्सर्जन में कमी

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव पर्यावरण पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में स्थापित रूफटॉप सोलर सिस्टम से प्रतिवर्ष 34 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। पर्यावरणीय लाभ के लिहाज से यह लगभग 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित किए जाने वाले कार्बन के बराबर माना जा सकता है।

इस तरह प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। घरों की छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी प्रदेश आगे बढ़ रहा है।

8 हजार से ज्यादा वेंडर्स, रोजगार के नए अवसर

सौर ऊर्जा के बढ़ते विस्तार का असर रोजगार के क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। यूपीनेडा की ओर से 8,000 से अधिक वेंडर्स को इम्पैनल्ड किया गया है। इनके माध्यम से सोलर प्लांट की स्थापना, बिक्री, तकनीकी सेवाओं, रखरखाव और संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

प्रदेश सरकार के अनुसार सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए तकनीकी और सेवा क्षेत्र से जुड़े रोजगार के रास्ते खुल रहे हैं।

इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, दादरी, मथुरा और गाजियाबाद समेत प्रदेश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में सोलर मैन्युफैक्चरिंग और उससे जुड़े उद्योगों का इकोसिस्टम भी तेजी से विकसित हो रहा है। इससे आने वाले समय में सौर ऊर्जा उपकरणों के उत्पादन और आपूर्ति से जुड़ी गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ देश में पहले स्थान पर

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति का असर प्रदेश के विभिन्न जिलों की रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 15 जिले देश के टॉप-100 जिलों में शामिल हैं। इनमें राजधानी लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि वाराणसी को 10वां स्थान मिला है।

यह रैंकिंग बताती है कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं के बीच रूफटॉप सोलर को लेकर रुचि बढ़ रही है। योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता ने भी परिवारों को अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

₹7,700 करोड़ से अधिक वित्तीय सहायता

रूफटॉप सोलर को आम परिवारों तक पहुंचाने में केंद्रीय और राज्य स्तर से मिलने वाली वित्तीय सहायता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ₹7,700 करोड़ से अधिक की केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी के प्रभाव से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाना आसान हुआ है।

सब्सिडी के साथ बैंकिंग सुविधाओं, मीटरिंग प्रक्रिया और अधिकृत वेंडर्स के नेटवर्क को मजबूत किए जाने से योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण ने भी इंस्टॉलेशन की रफ्तार बढ़ाने में योगदान दिया है।

मिशन मोड में हुई योजना की मॉनिटरिंग

योजना को तेजी से लागू करने के लिए प्रदेश में जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की गई। बैंकिंग से जुड़े लंबित मामलों के फॉलोअप, मीटरिंग की निगरानी और उपभोक्ताओं से जुड़े प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। यूपीनेडा, डिस्कॉम, बिजली विभाग, बैंक और अधिकृत वेंडर्स के बीच बेहतर समन्वय से योजना के कार्यान्वयन में तेजी आई।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि को केवल देश में नंबर-1 रैंकिंग तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, आत्मनिर्भर और हरित भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि बताती है कि रूफटॉप सोलर अब केवल वैकल्पिक ऊर्जा का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह घरेलू बिजली खर्च कम करने, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।

प्रदेश में सौर ऊर्जा के बढ़ते नेटवर्क के साथ आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की क्षमता और बढ़ने की संभावना है। रूफटॉप सोलर, ग्रीन जॉब्स और सौर ऊर्जा से जुड़े उद्योगों के विस्तार के जरिए उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी नई पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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