नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पार्किंग की समस्या और सड़कों पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसके तहत मौजूदा पार्किंग स्थलों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के साथ स्मार्ट पार्किंग, बहुमंजिला पार्किंग और स्टैक पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा मेट्रो स्टेशनों पर पार्क एंड राइड सुविधा बढ़ाने और पार्किंग शुल्क को एक समान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उपराज्यपाल टीएस संधू ने बृहस्पतिवार को संबंधित एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और ट्रैफिक पुलिस को पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध पार्किंग के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
दिसंबर तक 79 नए पार्किंग स्थल जोड़ने की योजना
बैठक में सामने आया कि दिल्ली में कई मौजूदा पार्किंग स्थलों का उनकी पूरी क्षमता के अनुसार इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इस पर उपराज्यपाल ने एमसीडी, एनडीएमसी और डीडीए को उपलब्ध पार्किंग सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
एमसीडी के पास फिलहाल 463 पार्किंग स्थल हैं। इनमें 433 सतही पार्किंग और 30 बहुमंजिला या स्टैक पार्किंग स्थल शामिल हैं। इनकी कुल क्षमता 94,831 कारों के बराबर है। दिसंबर तक 79 नए पार्किंग स्थल जोड़ने की योजना है, जिसके बाद एमसीडी के पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़कर 542 हो जाएगी।
इसके अलावा 6,052 कारों की क्षमता वाली 14 बहुमंजिला और स्टैक पार्किंग परियोजनाएं भी विचाराधीन हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी में पार्किंग के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्मार्ट पार्किंग और ईवी चार्जिंग पर जोर
दिल्ली में पार्किंग व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने के लिए कई उपायों पर विचार किया जा रहा है। इनमें फास्टैग, वास्तविक समय में खाली पार्किंग स्लॉट की जानकारी, सेंसर आधारित टिकटिंग और मोबाइल एप के माध्यम से पार्किंग की उपलब्धता बताने वाली सुविधाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। एनडीएमसी के 126 पार्किंग स्थलों को भी जल्द ही एकीकृत स्मार्ट पार्किंग प्रणाली से जोड़ने की तैयारी है।
उपराज्यपाल ने दिल्ली के लिए एक एकीकृत पार्किंग प्राधिकरण बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना और पार्किंग प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक चलेगा विशेष अभियान
अवैध पार्किंग पर रोक लगाने के लिए एमसीडी ने 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने की योजना बनाई है। यह अभियान पार्किंग हॉटस्पॉट और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर चलाया जाएगा।
बहुमंजिला पार्किंग स्थलों के बाहर अवैध रूप से वाहन खड़े करने की समस्या रोकने के लिए संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी। अभियान में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और बाजार संगठनों को भी शामिल किया जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 5 अक्टूबर तक अवैध पार्किंग के मामलों में 13.34 लाख चालान और 5.54 लाख नोटिस जारी किए गए। इस दौरान 1.24 लाख वाहनों को टो किया गया, जबकि अभियान के लिए 76 क्रेन तैनात रहीं।
127 मेट्रो स्टेशनों पर पार्क एंड राइड सुविधा
मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर पार्किंग सुविधा देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को पार्क एंड राइड केंद्रों का विस्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के 242 मेट्रो स्टेशनों में से 127 पर यह सुविधा उपलब्ध है।
इन पार्किंग स्थलों की कुल क्षमता 1,34,985 वाहनों की है। इनमें 14,426 कारों, 1,09,250 दोपहिया वाहनों और 11,309 साइकिलों के लिए जगह शामिल है। इनमें से 65 पार्किंग स्थल स्मार्ट पार्किंग की सुविधा से लैस हैं, जबकि 52 डीएमआरसी के मोबाइल एप से जुड़े हैं।
पार्किंग शुल्क एक समान करने पर जोर
बैठक में अलग-अलग एजेंसियों की पार्किंग दरों में अंतर का मुद्दा भी उठा। उपराज्यपाल ने एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए और डीएमआरसी के बीच पार्किंग शुल्क को एक समान करने पर जोर दिया।
वर्तमान में एमसीडी में कार पार्किंग की आधार दर 20 रुपये प्रति घंटा है। वहीं, एनडीएमसी में सड़क किनारे पार्किंग का शुल्क 50 रुपये प्रति घंटा और डीएमआरसी की पार्किंग में छह घंटे तक के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित है।
कुल मिलाकर, दिल्ली में पार्किंग सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल निगरानी, अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई और मेट्रो से जुड़ी पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन से वाहन चालकों को राहत मिलने और प्रमुख बाजारों व व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।