नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत छात्रों के पीजी आवासों की जानकारी जुटाने और उनकी सुविधाओं की निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, अगले तीन दिनों में 100 स्थानों पर जांच अभियान चलाने की योजना है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय समिति (एचपीसी) की दूसरी बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पोर्टल को सरल रखा जाएगा, ताकि पीजी आवासों से जुड़ी जरूरी जानकारियां आसानी से दर्ज की जा सकें। इसमें कमरों की संख्या, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों को शामिल किया जाएगा।
सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षा पर जोर
दिल्ली में पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा का मुद्दा सत्य निकेतन में हुई इमारत दुर्घटना के बाद प्रमुखता से सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिर गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। राहत और बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए करीब 28 घंटे तक अभियान चलाया था।
इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने पीजी और हॉस्टलों के संचालन से जुड़े नियमों की समीक्षा तथा छात्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय सुझाने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।
2022 से 2025 के बीच इमारत गिरने की 1,133 घटनाएं
राजधानी में इमारतों की सुरक्षा को लेकर सामने आए आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में इमारत गिरने की 1,133 घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं में 98 लोगों की मौत हुई।
ऐसे में सरकार का जोर पीजी और हॉस्टलों की स्थिति का आकलन करने, सुरक्षा मानकों में सुधार करने और संभावित जोखिमों की पहचान करने पर है। प्रस्तावित वेब पोर्टल के माध्यम से पीजी आवासों से संबंधित जानकारी एकत्र करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पीजी और हॉस्टलों के लिए तैयार होंगे सुरक्षित नियम
उच्चस्तरीय समिति की बैठक में छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने, मौजूदा नियमों में सुधार करने और तत्काल लागू किए जा सकने वाले उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली पुलिस और दिल्ली के विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
समिति मास्टर प्लान और दिल्ली नगर निगम अधिनियम (डीएमसी एक्ट) में संभावित बदलावों तथा आवश्यक छूट के पहलुओं का भी अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य पीजी और हॉस्टलों के संचालन के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक नियम तैयार करना है, ताकि छात्रों को सुरक्षित आवास मिल सके।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पीजी व्यवस्था की समीक्षा
समिति की एक उपसमिति प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के आसपास पीजी आवास चलाने की संभावनाओं का अध्ययन करेगी। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों से पांच से छह किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध आवासीय क्षेत्रों का आकलन किया जाएगा।
इसके अलावा, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) वाले इलाकों में कानूनी रूप से पीजी संचालित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आवासीय क्षेत्रों के नियमों और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा।
छात्रों की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था की तैयारी
दिल्ली सरकार की इस पहल का उद्देश्य पीजी और हॉस्टलों से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करना तथा सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करना है। वेब पोर्टल, निरीक्षण अभियान और नियमों की समीक्षा के जरिए आवासीय सुविधाओं की निगरानी को मजबूत करने की योजना है।
हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था का वास्तविक असर इसके क्रियान्वयन, नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों के पालन पर निर्भर करेगा। यदि इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो राजधानी में पीजी और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।