• होम
  • हरियाणा
  • हरियाणा के अंत्योदय परिवारों को सैनी सरकार का बड़ा तोहफा

हरियाणा के अंत्योदय परिवारों को सैनी सरकार का बड़ा तोहफा

 भैंस खरीदने पर 80 हजार रुपये तक सब्सिडी; दूध बेचने पर मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन चंडीगढ़। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने गरीब परिवारों और छोटे किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नई पहल की है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 1.80 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों को भैंस खरीदने […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 10, 2026 7:58 am IST, Published 3 hours ago

 भैंस खरीदने पर 80 हजार रुपये तक सब्सिडी; दूध बेचने पर मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन

चंडीगढ़। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने गरीब परिवारों और छोटे किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नई पहल की है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 1.80 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों को भैंस खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। पशुपालन विभाग की ओर से 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी और वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा, लाभार्थियों से वीटा दूध खरीदेगा और निर्धारित कीमत के साथ प्रति लीटर 10 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

भैंस खरीदने के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों को पात्र परिवारों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

योजना का उद्देश्य कम आय वाले परिवारों को पशुपालन के माध्यम से स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। इससे गरीब किसान और परिवार दूध उत्पादन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। वीटा के माध्यम से दूध की खरीद होने से लाभार्थियों को बाजार तलाशने की परेशानी भी कम हो सकती है।

15 हजार भैंसों के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को इस वर्ष कम से कम 15 हजार भैंसों की खरीद के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक पात्र गरीब परिवारों को ऋण देने से पीछे न हटें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर बैंकों के ब्याज की भरपाई सरकार अपने स्तर पर करेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें ब्याज का भुगतान सरकार करेगी।

एक नवंबर तक खुलेंगे 200 हर हित स्टोर और 300 वीटा बूथ

हरियाणा सरकार स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हर हित स्टोर और वीटा बूथ का विस्तार भी करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर और 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल प्रदेश में 1,450 हर हित स्टोर संचालित होने की जानकारी दी गई है। नए स्टोर और बूथ खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत की जमीन पर हर हित स्टोर और वीटा बूथ खोलने के लिए पंचायत विभाग को जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में इन सुविधाओं के विस्तार की जिम्मेदारी शहरी स्थानीय निकाय विभाग को दी गई है।

19 विभागों की 47 योजनाओं से मिल रही मदद

सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने बताया कि अंत्योदय मेलों में शामिल होने वाले परिवारों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 19 विभागों की 47 योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जाती है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू हुए अंत्योदय मेलों के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण स्वीकृत किए गए थे। दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले साल 11 दिसंबर को की थी। इसके तहत अब तक सभी जिलों में एक-एक जिला स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया जा चुका है।

अगले चरण में प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

नए स्वरोजगार के अवसर तलाशने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समय की जरूरत के अनुसार नए स्वरोजगार के विकल्पों की पहचान करने और उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंत्योदय परिवारों को रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।

सरकार अगले एक साल में आयोजित होने वाले अंत्योदय मेलों का कैलेंडर भी तैयार करेगी। इससे लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी और ऋण संबंधी सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी।

हरियाणा सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पशुपालन, दूध उत्पादन, खुदरा कारोबार और स्थानीय बाजारों के विस्तार के माध्यम से ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।

Advertisement