लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्राम प्रहरियों और सामाजिक पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को राहत देने की तैयारी में है। सरकार ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 2,500 रुपये से 3,500 रुपये करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन की राशि भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की तैयारी है। इन प्रस्तावों के लागू होने पर प्रदेश के हजारों कर्मचारियों और लाखों जरूरतमंद लाभार्थियों को आर्थिक मदद मिल सकती है। हालांकि, बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा और आदेश जारी होने के बाद ही नई दरों तथा उनके लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में करीब 60 हजार ग्राम प्रहरियों को मानदेय बढ़ने का लाभ मिलने की संभावना है। ग्राम प्रहरी गांवों में स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध कराने और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और संबंधित अधिकारियों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उनके काम का हिस्सा है। इसके बावजूद लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठती रही है।
मौजूदा व्यवस्था में ग्राम प्रहरियों को हर महीने 2,500 रुपये मानदेय मिलने की जानकारी दी गई है। सरकार की प्रस्तावित योजना के अनुसार, इसे बढ़ाकर 3,500 रुपये किया जा सकता है। इस बदलाव से प्रत्येक ग्राम प्रहरी को हर महीने 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो कम आय में काम करने वाले इन कर्मचारियों को अपने घरेलू खर्च पूरे करने में कुछ राहत मिलेगी। बढ़ती महंगाई के बीच मानदेय में होने वाली यह संभावित वृद्धि उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकते हैं। इस घोषणा पर प्रदेशभर के ग्राम प्रहरियों की नजर रहेगी। हालांकि, अंतिम निर्णय के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि बढ़ा हुआ मानदेय किस तारीख से लागू होगा और भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी। लंबे समय से मांग कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए राहत देगी।
ग्राम प्रहरियों के मानदेय के साथ सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन को 1,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया जा सकता है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो पात्र लाभार्थियों को हर महीने 500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे उन लोगों को मदद मिल सकती है, जिनकी रोजमर्रा की जरूरतें काफी हद तक सरकारी पेंशन पर निर्भर हैं।
वृद्धावस्था पेंशन बुजुर्गों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से दी जाती है। वहीं, निराश्रित महिला पेंशन उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके पास नियमित आय का पर्याप्त साधन नहीं है। दिव्यांगजन पेंशन भी पात्र लोगों को दैनिक जरूरतों और अन्य खर्चों में सहायता देती है। ऐसे में पेंशन की राशि बढ़ने से लाभार्थियों को कुछ अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है। हालांकि, बढ़ी हुई राशि का वास्तविक लाभ पात्रता नियमों और सरकार के अंतिम आदेशों के अनुसार मिलेगा।
प्रदेश सरकार की इन संभावित घोषणाओं को ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी से जहां उनकी मासिक आय बढ़ सकती है, वहीं पेंशन में प्रस्तावित वृद्धि से बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को सहायता मिल सकती है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री की घोषणा और सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों पर है। इन्हीं के बाद यह साफ होगा कि प्रस्ताव कब से लागू होंगे और लाभार्थियों को बढ़ी हुई राशि कब मिलनी शुरू होगी।