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डॉ. ओपी मौर्य की पहली पुण्यतिथि पर भावुक हुआ परिवार, दी श्रद्धांजलि

डॉ. ओपी मौर्य की पहली पुण्यतिथि पर परिवार ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। जानें उनके जीवन, शिक्षा, समाजसेवा और परिवार की भावुक यादों से जुड़ी खास बातें।

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Gauravshali Bharat News
  • October 16, 2026 4:08 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली। प्रख्यात शिक्षाविद्, समाजसेवी और अधिवक्ता डॉ. ओम प्रकाश मौर्य की पहली पुण्यतिथि पर परिवारजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. ओपी मौर्य को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान, सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण और अधिवक्ता के रूप में उनकी पहचान के लिए याद किया गया। उनकी स्मृति में जारी श्रद्धांजलि संदेश में परिवार ने उनके जीवन से जुड़ी यादों, स्नेह और उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत को भावुक शब्दों में व्यक्त किया।

परिवार की ओर से साझा किए गए संदेश के अनुसार, डॉ. ओपी मौर्य का निधन 16 अक्टूबर 2025 को हुआ था। 16 अक्टूबर 2026 को उनकी पहली पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें याद करते हुए परिजनों ने कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन और व्यक्तित्व आज भी परिवार के सदस्यों के जीवन में विशेष स्थान रखता है।

शिक्षा, समाजसेवा और कानून के क्षेत्र में बनाई पहचान

डॉ. ओपी मौर्य को एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, परोपकारी व्यक्तित्व और जाने-माने अधिवक्ता के रूप में श्रद्धांजलि दी गई। उनके परिवार की ओर से जारी संदेश में उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को याद करते हुए बताया गया कि उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से लोगों के बीच प्रेम, सहयोग और सकारात्मक मूल्यों की छाप छोड़ी।

शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्वों का योगदान केवल उनके कार्यकाल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके विचारों और उनसे प्रेरित लोगों के माध्यम से आगे भी जीवित रहता है। डॉ. मौर्य को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार ने उनके शैक्षिक योगदान और सामाजिक सरोकारों को विशेष रूप से याद किया।

एक शिक्षाविद् के रूप में उनकी पहचान, समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और अधिवक्ता के तौर पर उनकी भूमिका उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में सामने आई। उनके प्रति व्यक्त किए गए सम्मान से स्पष्ट होता है कि परिवार के लिए उनकी स्मृतियां आज भी भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

परिवार ने याद किया स्नेह, मार्गदर्शन और जीवन की सीख

पुण्यतिथि पर जारी श्रद्धांजलि संदेश में परिवार ने कहा कि डॉ. मौर्य अपने पीछे प्रेम, आनंद, सुख और आशीर्वाद से जुड़ी अनेक यादें छोड़ गए हैं। परिजनों ने उनके साथ बिताए समय को अपने जीवन की अनमोल धरोहर बताया और उनकी अनुपस्थिति को गहराई से महसूस करने की बात कही।

किसी प्रियजन के जाने के बाद उसकी यादें परिवार के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाती हैं। जन्मदिन और पुण्यतिथि जैसे अवसर उन यादों को फिर से जीवंत करते हैं और व्यक्ति के जीवन से मिली सीख को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं। डॉ. ओपी मौर्य की पहली पुण्यतिथि भी परिवार के लिए ऐसा ही अवसर रही, जब उनके व्यक्तित्व और उनके साथ जुड़े भावनात्मक रिश्तों को सम्मान के साथ याद किया गया।

परिवार के संदेश में उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनके द्वारा दी गई खुशियां, स्नेह और आशीर्वाद हमेशा याद रखे जाएंगे। यह संदेश एक ऐसे व्यक्तित्व के प्रति परिवार के गहरे सम्मान को दर्शाता है, जिसकी कमी को समय बीतने के बाद भी महसूस किया जा रहा है।

परिजनों ने एकजुट होकर अर्पित किए श्रद्धासुमन

डॉ. मौर्य को श्रद्धांजलि देने वालों में उनके पुत्र, पुत्रवधुएं, बेटियां, दामाद, भाई-बहन, पोते-पोतियां, भतीजे-भतीजियां और अन्य परिजन शामिल हैं। परिवार की ओर से जारी श्रद्धांजलि संदेश में अरुण कुमार मौर्य, उषा रानी, आशुतोष कुमार मौर्य, विश्व प्रकाश मौर्य, ममता, विशाखा, प्रवीण कुमार, रमेश चंद्र मौर्य, विमला, सतीश चंद्र मौर्य, सरला, एम.सी. मौर्य, चंद्रा, मंजू रानी, श्याम सिंह, भावना और आशु सहित परिवार के सदस्यों का उल्लेख किया गया है।

इस अवसर पर परिवार ने डॉ. मौर्य के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए उनकी स्मृतियों को संजोकर रखने का संदेश दिया। श्रद्धांजलि संदेश में परिजनों और मित्रों को भी इस भावनात्मक अवसर से जोड़ा गया है।

परिवार के लिए किसी प्रिय व्यक्ति की स्मृति को जीवित रखना केवल एक औपचारिक परंपरा नहीं, बल्कि उसके जीवन से जुड़े मूल्यों और रिश्तों को सम्मान देने का माध्यम भी है। डॉ. मौर्य की पुण्यतिथि पर व्यक्त किए गए भाव इसी आत्मीय जुड़ाव को सामने लाते हैं।

24 जनवरी 1943 को हुआ था जन्म

परिवार की ओर से जारी श्रद्धांजलि पोस्टर के अनुसार, डॉ. ओपी मौर्य का जन्म 24 जनवरी 1943 को हुआ था। उनका निधन 16 अक्टूबर 2025 को हुआ। इस प्रकार उनकी पहली पुण्यतिथि 16 अक्टूबर 2026 को मनाई जा रही है।

उनके जीवन को याद करते हुए परिवार ने कहा कि वे उन्हें हमेशा स्नेह और सम्मान के साथ याद करते रहेंगे। संदेश में उनके योगदान और उनके द्वारा छोड़ी गई भावनात्मक विरासत के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।

पुण्यतिथि का यह अवसर डॉ. मौर्य के जीवन से जुड़ी यादों को साझा करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखने का अवसर भी है।

स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे डॉ. ओपी मौर्य

डॉ. ओपी मौर्य की पहली पुण्यतिथि पर परिवार की ओर से दी गई श्रद्धांजलि उनके प्रति गहरे सम्मान और आत्मीय लगाव को दर्शाती है। शिक्षा, समाजसेवा और कानून के क्षेत्र से जुड़े उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए परिजनों ने उनके योगदान और उनसे मिली खुशियों को अपनी अनमोल धरोहर बताया।

परिवार का कहना है कि उनकी उपस्थिति की कमी हमेशा महसूस होगी, लेकिन उनके साथ जुड़ी यादें और उनके द्वारा दिया गया स्नेह जीवनभर साथ रहेगा। यही स्मृतियां किसी व्यक्ति को उसके परिजनों और प्रियजनों के दिलों में हमेशा जीवित रखती हैं।

डॉ. ओपी मौर्य की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

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