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CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच का नोटिस, आज पूछताछ

इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था। दोनों ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके जमा किए और जमानतदार भी पेश किए थे। इसके बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के तौर पर कार्य कर रहीं सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रितु राज ने उनकी रिहाई का आदेश दिया था।

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Gauravshali Bharat News
  • October 22, 2026 10:31 am IST, Published 57 minutes ago

नयी दिल्लीः सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। दोनों को 22 अक्टूबर, गुरुवार को दोपहर 12 बजे क्राइम ब्रांच के कार्यालय में जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद बाहर निकलते समय पुलिस ने दोनों को यह नोटिस सौंपा था। अब इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की WR1 यूनिट कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8:30 बजे जब सौरव दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल से बाहर निकले, उसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें नोटिस दिया। पुलिस दोनों से उस घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ करना चाहती है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सरकारी आदेश की अवहेलना और कथित तौर पर दूसरे की संपत्ति में प्रवेश कर जंतर-मंतर पहुंचने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

इस मामले में अजिंक्य शिंदे की भूमिका को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें भी जांच में शामिल किया जा सके। फिलहाल सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए निर्धारित समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। पुलिस की ओर से की जा रही जांच में संबंधित घटनाओं और आरोपों के तथ्यों को स्पष्ट करने पर जोर रहेगा।

इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था। दोनों ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके जमा किए और जमानतदार भी पेश किए थे। इसके बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के तौर पर कार्य कर रहीं सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रितु राज ने उनकी रिहाई का आदेश दिया था। रिहाई के दौरान दोनों से एक शपथपत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। इसमें उन्होंने शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। शपथपत्र में यह भी कहा गया कि जब तक जंतर-मंतर को कानून के तहत दोबारा विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी भी तरह के प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।

इसके अलावा, उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि कोई भी विरोध प्रदर्शन संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाएगा। इस शपथपत्र के जरिए दोनों ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने का भरोसा दिया है। ऐसे में क्राइम ब्रांच की पूछताछ के दौरान जंतर-मंतर से जुड़े घटनाक्रम, लागू प्रतिबंधों और संबंधित आदेशों के पालन जैसे पहलुओं पर भी सवाल पूछे जा सकते हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से पूछताछ के विस्तृत सवालों या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई निष्कर्ष यहां से नहीं निकाला जा सकता।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े इस मामले में अब क्राइम ब्रांच की जांच आगे बढ़ रही है। सौरव दास और आशुतोष रांका को गुरुवार दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जबकि अजिंक्य शिंदे से संपर्क साधने की कोशिश जारी है। जांच के दौरान पुलिस संबंधित घटनाक्रम, कथित उल्लंघनों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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