दक्षिणी दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली की बदरपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले मीठापुर और उसके आसपास के कई इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार करीब 50 हजार की आबादी को दूषित जलापूर्ति से राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की तरफ से क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को बदलने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय लोग पिछले करीब डेढ़ साल से घरों में गंदा और बदबूदार पानी आने की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। वॉर्ड 182 और 183 के तहत आने वाले मीठापुर, सिंधु फार्म रोड, हर्ष विहार, प्रिंस कॉलोनी, ओम नगर और रूपनगर जैसी तमाम कॉलोनियों में पेयजल का भारी संकट बना हुआ था।
निवासियों के मुताबिक, इन इलाकों में न सिर्फ तीन से चार दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं होती थी, बल्कि जब पानी आता भी था तो वह बेहद बदबूदार और दूषित होता था। जल बोर्ड की पुरानी और कई जगहों से टूटी-फूटी पेयजल लाइनों में सीवर और नालियों का गंदा पानी मिलने के कारण यह संकट पैदा हुआ था। इस संबंध में जल मंत्री और जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था।
क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए मीडिया ने इसे अपने पृष्ठ पर उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और तुरंत प्रभाव से मरम्मत व पाइपलाइन बदलने का काम शुरू किया गया।
फेडरेशन ऑफ ऑल आरडब्ल्यूए के संयोजक दुष्यंत कुमार ने इस पहल पर संतोष जताते हुए कहा कि टूटी हुई पाइपलाइनों और पानी की किल्लत को लेकर लगातार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई थी, और अब आखिरकार नई पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो गया है। वहीं, उप चेयरमैन पीके झा ने स्थानीय नागरिकों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे, और इस आवाज के उठने से अब जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बंधी है।