अमेरिका ने इस वर्ष भारत को अपनी ‘Priority Watch List’ में शामिल किया है, जो बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights) के पालन को लेकर उसकी चिंताओं को दर्शाता है। इस सूची में कुल छह देश शामिल हैं—भारत के साथ चिली, चीन, इंडोनेशिया, रूस और वेनेज़ुएला। यह सूची उन देशों को चिन्हित करती है जहाँ IP कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रवर्तन व्यवस्था और अमेरिकी कंपनियों के लिए बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठते हैं।

इसमें पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और ट्रेड सीक्रेट्स की सुरक्षा जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। किसी देश का इस सूची में आना यह संकेत देता है कि उसकी बौद्धिक संपदा व्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर समीक्षा और दबाव की स्थिति बनी हुई है, और सुधार की आवश्यकता महसूस की जाती है।