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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी फिसले, कीमतों में आधा प्रतिशत तक गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर साफ नजर आ रहा है। इसी के चलते मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर सोने […]

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Gauravshali Bharat News
  • April 28, 2026 4:39 pm IST, Published 3 hours ago

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर साफ नजर आ रहा है। इसी के चलते मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा।

Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछले बंद भाव 1,51,721 रुपये के मुकाबले मामूली गिरावट के साथ 1,51,700 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह और फिसलकर करीब 1,51,514 रुपये तक आ गया, जो लगभग 0.14 प्रतिशत की कमजोरी को दर्शाता है। दिन के कारोबार में सोने ने 1,51,500 रुपये का निचला स्तर और 1,51,802 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल सीमित दायरे में बना हुआ है।

चांदी की बात करें तो इसका 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2,41,824 रुपये के पिछले बंद स्तर से गिरकर 2,40,490 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी में और कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 0.59 प्रतिशत गिरकर 2,40,400 रुपये के आसपास पहुंच गई। इंट्राडे में चांदी ने 2,40,218 रुपये का न्यूनतम और 2,41,250 रुपये का अधिकतम स्तर छुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखा गया। COMEX पर सोना करीब 0.27 प्रतिशत गिरकर 4,680 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी में 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 74.48 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट का प्रमुख कारण निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितता है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में डॉलर की मजबूती और बाजार की रणनीतिक चालों ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

हालांकि, लंबे समय के नजरिए से देखें तो सोना और चांदी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। बीते एक साल में सोना डॉलर के हिसाब से 40 प्रतिशत से अधिक और चांदी 126 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दे चुकी है। यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए ये धातुएं अभी भी आकर्षक बनी हुई हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिका-ईरान संबंध, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर देखने को मिलेगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश करें।

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