दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन की बैठक गुरुवार को भारी हंगामे, तोड़फोड़ और झड़प का अखाड़ा बन गई। प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस बैठक में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब पार्षदों ने धक्का-मुक्की, पानी फेंकने और माइक तोड़ने जैसी हरकतें शुरू कर दीं। हालात इतने बिगड़ गए कि मार्शल्स को बीच-बचाव कर मेयर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।
फंड को लेकर छिड़ा घमासान: बैठक की शुरुआत में आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के विकास कार्यों के लिए तुरंत फंड जारी करने की मांग की। इस पर मेयर प्रवेश वाही ने तत्काल 25 लाख रुपए देने और इस वित्त वर्ष में कुल 2 करोड़ रुपए तक का फंड देने का ऐलान किया। हालांकि, विपक्ष तुरंत 1 करोड़ रुपए देने की मांग पर अड़ा रहा और सदन में विरोध तेज हो गया।
मेयर की कुर्सी तक पहुंचे पार्षद: हंगामे के दौरान ‘आप’ पार्षद शगुफ्ता जुबैर और नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग समेत कई पार्षद मेयर के आसन तक पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान वहां रखे माइक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई।
कांग्रेस और आप में तीखी नोंकझोंक: सदन के भीतर कांग्रेस नेता नाजिया दानिश और ‘आप’ के अंकुश नारंग के बीच भी तीखी तकरार देखने को मिली, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश: भारी हंगामे और व्यवधान के बीच ही सदन के कुछ जरूरी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं, तोड़फोड़ और अमर्यादित बर्ताव के इस पूरे मामले को सदन की अनुशासनात्मक कमेटी के पास भेज दिया गया है, जो दोषी पार्षदों पर कार्रवाई तय करेगी।