चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए कई अहम मुद्दों पर सवाल उठाए। सदन में प्रवेश करने से पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा। इस दौरान कांग्रेस की ओर से राज्य सरकार के नाम एक ‘लानत पत्र’ जारी किया गया, जिसमें बेअदबी के मामलों में न्याय मिलने में देरी, नशे के कारोबार, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज, अवैध खनन और गैंगस्टरों की गतिविधियों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब की जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार अपने दावों के अनुरूप परिणाम देने में नाकाम रही है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी के जरिए इन मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस की ओर से जारी पत्र में धार्मिक भावनाओं से जुड़े बेअदबी के मामलों को विशेष रूप से उठाया गया। पार्टी ने सवाल किया कि इन मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि बेअदबी के मामलों में न्याय सुनिश्चित करना केवल कानूनी प्रक्रिया का विषय नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की भावनाओं और विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। पार्टी ने सरकार से इन मामलों में हुई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया के बारे में जवाब मांगा।
नशे के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और इस दिशा में अब तक कितनी सफलता मिली है। कांग्रेस ने नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए सरकार की नीतियों और उनके नतीजों पर सवाल खड़े किए।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जाहिर की। ‘लानत पत्र’ में पंजाब पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा उठाते हुए सरकार से वित्तीय प्रबंधन को लेकर जवाब मांगा गया। विपक्ष का सवाल है कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने और कर्ज के बोझ को नियंत्रित करने के लिए सरकार की क्या रणनीति है। कांग्रेस ने कहा कि आर्थिक फैसलों का सीधा असर प्रदेश के विकास और आम लोगों पर पड़ता है, इसलिए इस विषय पर पारदर्शिता जरूरी है।
अवैध खनन को लेकर कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए क्या व्यवस्था की गई है और इस गतिविधि को रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही कैसे तय की जा रही है। इसके साथ ही गैंगस्टरों की गतिविधियों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल किए। पार्टी का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब के प्रमुख मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है। पार्टी ने कहा कि विधानसभा में जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा और जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विपक्ष के अनुसार, सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय अपने कामकाज और फैसलों के परिणाम जनता के सामने रखने चाहिए।
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से राज्य की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव सामने आया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह बेअदबी, नशे, कर्ज, अवैध खनन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी। अब इन आरोपों और सवालों पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।