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भगवंत मान की पत्नी से जुड़े मामले में ईडी की जांच तेज, दिल्ली एयरपोर्ट से ग्रेवाल हिरासत में

ईडी की जांच में अब कथित पांच करोड़ रुपये की रकम के स्रोत, उसके संभावित इस्तेमाल और संबंधित खातों के बीच हुए लेन-देन का पता लगाने पर जोर है। एजेंसी फिल्म निर्माण कंपनी के बैंक खातों, विदेशी निवेश और फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय रिलीज से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रकम का फिल्मों के कारोबार या विदेशी फंडिंग से कोई संबंध है या नहीं।

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  • October 17, 2026 4:00 pm IST, Published 1 hour ago

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े कथित पांच करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसी ने पंजाबी फिल्म निर्माता अमरदीप सिंह ग्रेवाल को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि ग्रेवाल कनाडा से भारत लौट रहे थे। इससे पहले ईडी ने उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। अब एजेंसी कथित लेन-देन से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, विदेशी फंडिंग और पैसों के स्रोत की जांच कर रही है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

अमरदीप सिंह ग्रेवाल पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं और एम/एस ईस्ट सनशाइन प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड से उनका संबंध बताया जाता है। उनकी प्रोडक्शन कंपनी ने ‘मौजां ही मौजां’ और ‘स्नोमैन’ जैसी पंजाबी फिल्मों के निर्माण में भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘मौजां ही मौजां’ में गिप्पी ग्रेवाल और बिन्नू ढिल्लों मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ग्रेवाल के कारोबारी संबंधों और फिल्मों के विदेशी बाजारों में वितरण से जुड़े पहलुओं को देखते हुए ईडी वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।

जांच का मुख्य केंद्र पांच करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ा मामला है। आरोप लगाए गए थे कि एक दुष्कर्म मामले को कथित तौर पर दबाने के लिए इतनी बड़ी रकम की मांग की गई थी। पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजीत सिंह और अकाली दल के नेताओं बिक्रम सिंह मजीठिया तथा हरसिमरत कौर बादल की ओर से इस मामले को लेकर आरोप सामने आए थे। आरोपों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की पत्नी के करीबी बताए जाने वाले अमरदीप ग्रेवाल और मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरि चहल के बीच एक रेस्तरां में कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की डील तय हुई थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दूसरी ओर, डॉ. गुरप्रीत कौर ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी ऑडियो, तस्वीरों और सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इस मामले में उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया, हरसिमरत कौर बादल और सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू की है।

विवाद के बीच चंडीगढ़ की एक सिविल अदालत ने कथित तौर पर असत्यापित और मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने को लेकर संबंधित नेताओं तथा पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है। अदालत ने प्रतिष्ठा के अधिकार के महत्व को रेखांकित किया है। इस आदेश के बाद मामले से संबंधित सामग्री के प्रकाशन को लेकर कानूनी सीमाएं भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।

इस प्रकरण में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब सरकार और राज्य के पुलिस महानिदेशक से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी है। शिकायत में आशंका जताई गई थी कि कथित घटनाक्रम पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में मामले की जांच केवल वित्तीय लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

ईडी की जांच में अब कथित पांच करोड़ रुपये की रकम के स्रोत, उसके संभावित इस्तेमाल और संबंधित खातों के बीच हुए लेन-देन का पता लगाने पर जोर है। एजेंसी फिल्म निर्माण कंपनी के बैंक खातों, विदेशी निवेश और फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय रिलीज से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रकम का फिल्मों के कारोबार या विदेशी फंडिंग से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल इस मामले में आरोपों और दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। अमरदीप सिंह ग्रेवाल से पूछताछ और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही कथित लेन-देन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में शामिल सभी पक्षों के आरोपों और दलीलों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

 

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