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त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। विभाग ने परिवहन वाहनों सहित लगभग 3.15 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित सामान जब्त किया। इन मामलों में 22 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पालघर जिले में...

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  • October 25, 2026 6:30 pm IST, Published 2 hours ago

दिवाली और नवरात्रि के त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने विशेष अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री और प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान कुल 12.74 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और कई मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की गई।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। त्योहारों में मिठाइयों, नमकीन, तेल, मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावटी, घटिया और एक्सपायर्ड उत्पादों को बाजार में खपाने की आशंका भी बढ़ती है। इसी को देखते हुए विभाग ने दुकानों, गोदामों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण तेज किया।

अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। इसके अतिरिक्त सात प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश जारी किए गए। अधिकारियों ने चार प्रतिष्ठानों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 69 के तहत कुल 1.30 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला। इन कार्रवाइयों के जरिए खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई है।

विभाग की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 3,74,752 किलोग्राम खाद्य सामग्री और 28,297 लीटर खाद्य उत्पादों को कब्जे में लिया गया। इनकी अनुमानित कीमत 9.11 करोड़ रुपये बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए उत्पादों में मिलावटी, निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले और गलत लेबलिंग के साथ बेचे जा रहे सामान शामिल थे। इसके अलावा 8,392 किलोग्राम एक्सपायर्ड या पहले से अस्वीकृत खाद्य सामग्री भी पकड़ी गई। इसकी अनुमानित कीमत 48.09 लाख रुपये बताई गई है। जांच में ऐसे उत्पादों के दोबारा बाजार में पहुंचने का मामला भी सामने आया, जिन्हें नष्ट किया जाना चाहिए था।

इस तरह की गतिविधियां उपभोक्ताओं की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसलिए विभाग ने संबंधित मामलों में कार्रवाई को प्राथमिकता दी। कोल्ड स्टोरेज पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष निगरानी रखी। अभियान के दौरान दो कोल्ड स्टोरेज से एक ही दिन में 1,97,480 किलोग्राम खाद्य स्टॉक जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 4.19 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के बाद भंडारण केंद्रों में रखे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी वैधता की जांच का महत्व एक बार फिर सामने आया है।

प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। विभाग ने परिवहन वाहनों सहित लगभग 3.15 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित सामान जब्त किया। इन मामलों में 22 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पालघर जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जहां 1.51 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित सामान पकड़ा गया। इसके अलावा जालना, मुंबई, नासिक और धाराशिव में भी जब्ती और कानूनी कार्रवाई की गई।

FDA के अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए निरीक्षण, नमूनों की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी। उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर निर्माण और समाप्ति की तारीख, सामग्री का विवरण तथा गुणवत्ता संबंधी जानकारी ध्यान से देखें। खुले खाद्य पदार्थों की खरीद में साफ-सफाई और विक्रेता की विश्वसनीयता पर ध्यान देना चाहिए।

किसी उत्पाद में मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह होने पर संबंधित विभाग में शिकायत की जा सकती है। महाराष्ट्र में चलाए गए इस अभियान ने त्योहारों के मौसम में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सक्रियता को सामने रखा है। अब आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण और कार्रवाई के जरिए बाजार में मिलावटी तथा प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।


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