सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट

चांदी 2 लाख रुपये से नीचे और सोना 1.50 लाख के पार से फिसला नई दिल्ली,। त्योहारी सीजन के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। धनतेरस से पहले चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गया, जबकि सोना भी 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम […]

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  • October 28, 2026 9:33 am IST, Published 2 hours ago

चांदी 2 लाख रुपये से नीचे और सोना 1.50 लाख के पार से फिसला

नई दिल्ली,। त्योहारी सीजन के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। धनतेरस से पहले चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गया, जबकि सोना भी 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से फिसलकर करीब 1.44 लाख रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। कीमतों में इस गिरावट से उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो त्योहारों पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदने या इनमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं।

हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसे में खरीदारी या निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने शहर के ताजा भाव और संबंधित बाजार की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी 28 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। कॉमेक्स बाजार में सोना 0.36 प्रतिशत गिरकर 4,059.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी की कीमत में 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 54.220 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाले बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव पर रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात लागत, कर तथा स्थानीय मांग जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।

घरेलू बाजार में भी कीमतों में गिरावट

घरेलू बाजार में सोने का भाव गिरकर करीब 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर, चांदी की कीमत भी घटकर लगभग 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

चांदी का भाव 2 लाख रुपये से नीचे आने और सोने की कीमत में गिरावट से त्योहारी खरीदारी करने वाले ग्राहकों को राहत मिल सकती है। हालांकि, आभूषण खरीदते समय केवल सोने के मूल भाव को ही नहीं, बल्कि आभूषण बनाने का शुल्क, वस्तु एवं सेवा कर और अन्य लागू शुल्कों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?

कीमतों में गिरावट को देखते हुए कुछ खरीदार इसे खरीदारी का अवसर मान सकते हैं। लेकिन केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। सोने और चांदी के भाव वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों, डॉलर की मजबूती, औद्योगिक मांग और निवेशकों की गतिविधियों से प्रभावित होते हैं।

जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। वहीं, आभूषण खरीदने वालों को अलग-अलग दुकानों पर भाव और गुणवत्ता की तुलना करनी चाहिए।

ध्यान रहे कि यहां दिए गए भाव उपलब्ध बाजार विवरण पर आधारित हैं। ये सभी शहरों में लागू अंतिम खुदरा दरें नहीं हैं और दिन के दौरान बदल भी सकते हैं। खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार या विश्वसनीय विक्रेता से ताजा कीमत की पुष्टि करना जरूरी है।

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