गंगा लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट की मंजूरी

 ₹8,586 करोड़ की लागत से बनेगा 74.5 किलोमीटर लंबा मार्ग ग्रेटर नोएडा। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की निर्माण एजेंसी के चयन को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने से दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क […]

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  • October 28, 2026 9:46 am IST, Published 2 hours ago

 ₹8,586 करोड़ की लागत से बनेगा 74.5 किलोमीटर लंबा मार्ग

ग्रेटर नोएडा। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की निर्माण एजेंसी के चयन को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने से दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

प्रस्तावित गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 74.5 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर करीब 8,586 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे पर फिल्म सिटी, सेक्टर-21 के नजदीक जुड़ेगा। परियोजना को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा, जिनमें यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का अधिसूचित क्षेत्र और बुलंदशहर जिला शामिल हैं।

दो पैकेज में होगा निर्माण

गंगा लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) पद्धति के तहत कराया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्माण एजेंसी को तय शर्तों के अनुसार परियोजना का निर्माण पूरा करना होगा।

परियोजना की मुख्य सड़क की चौड़ाई 80 मीटर प्रस्तावित है। इसके दोनों ओर सर्विस रोड को शामिल करने पर पूरे मार्ग की कुल चौड़ाई 130 मीटर होगी। चौड़े मार्ग से यातायात के सुचारु संचालन और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

92 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति से खरीदी

एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि खरीद की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। यीडा अपने अधिसूचित क्षेत्र में करीब 92 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति से खरीद चुका है। वहीं, बुलंदशहर जिले में भी लगभग 70 प्रतिशत भूमि खरीदे जाने की जानकारी दी गई है।

हालांकि, परियोजना के निर्धारित मार्ग में कुछ गांवों की आबादी आने के कारण भूमि खरीद में अड़चन पैदा हो रही है। रबूपुरा और बुलंदशहर के यीडा अधिसूचित क्षेत्र में स्थित कपना गांव के कुछ हिस्सों में मकान और आबादी एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित मार्ग में आ रहे हैं।

सहमति नहीं मिलने पर भूमि अधिग्रहण का सहारा

भूमि खरीद की प्रक्रिया में सबसे बड़ी परेशानी उन हिस्सों में आ रही है, जहां मकान मालिक अपनी जमीन देने के लिए सहमत नहीं हैं। इसी कारण करीब आठ प्रतिशत भूमि की खरीद अब तक पूरी नहीं हो पाई है।

इस समस्या के समाधान के लिए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे परियोजना के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में संबंधित कानूनी प्रावधानों और निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह के अनुसार, यीडा क्षेत्र में 92 प्रतिशत और बुलंदशहर जिले में लगभग 70 प्रतिशत भूमि लिंक एक्सप्रेसवे के लिए खरीदी जा चुकी है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति

गंगा लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच संपर्क मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके निर्माण से ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने की संभावना है।

बेहतर संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों, माल परिवहन और क्षेत्रीय आवागमन को लाभ मिल सकता है। हालांकि, परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भूमि संबंधी अड़चनों को दूर करना और निर्माण कार्य को निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

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