नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बीजेपी की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पुरी की राज्यसभा में वापसी का रास्ता खुल गया है। इस घटनाक्रम को उनके केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बने रहने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाल ही में बीजेपी ने राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं था। इसके बाद उनके संसदीय कार्यकाल और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनकी स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। अब मध्य प्रदेश की खाली सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के बाद यह सवाल काफी हद तक दूर हो गया है। हालांकि, राज्यसभा उपचुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनकी सदस्यता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
बीजेपी ने पुरी की उम्मीदवारी की घोषणा ऐसे समय की है, जब मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर को इस चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। चुनाव के लिए 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान निर्धारित है। यदि मतगणना की आवश्यकता हुई, तो उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने की अंतिम तारीख 16 नवंबर 2026 तय की गई है।
इस सीट पर निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा। मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी की संख्या को देखते हुए पार्टी के पास इस चुनाव में पर्याप्त समर्थन बताया जा रहा है। ऐसे में पुरी की उम्मीदवारी को पार्टी की रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इस उपचुनाव की पृष्ठभूमि एल. मुरुगन के इस्तीफे से जुड़ी है। उन्होंने 18 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। मुरुगन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा था कि वह अब तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया था।
मुरुगन ने अपने संदेश में यह भी कहा था कि वह कार्यकर्ताओं के बीच रहकर संगठन को मजबूत करने और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में बीजेपी का आधार बढ़ाने के लिए अपना समय देना चाहते हैं। उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा की यह सीट खाली हुई, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है। हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और इससे पहले भी राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाने के फैसले से बीजेपी ने खाली हुई सीट को भरने की दिशा में अपना कदम आगे बढ़ाया है। इस घटनाक्रम से केंद्र सरकार में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को भी नया संदर्भ मिला है।
राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार का चयन केवल एक सीट भरने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे पार्टी के संसदीय समीकरण और नेतृत्व से जुड़े फैसले भी सामने आते हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के संख्याबल के कारण इस चुनाव पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। अब आगे की प्रक्रिया में नामांकन, मतदान और जरूरत पड़ने पर मतगणना जैसे चरण पूरे किए जाएंगे। फिलहाल, बीजेपी की ओर से हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। 12 नवंबर को होने वाला मतदान और निर्वाचन आयोग की निर्धारित समयसीमा इस उपचुनाव के अगले महत्वपूर्ण पड़ाव होंगे।