लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से चुनाव में वोटों की गिनती और कथित वोट चोरी को लेकर लगाए गए आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया है। राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उनके इस बयान से प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो व्यक्ति जैसा होता है, उसे दूसरे भी वैसे ही दिखाई देते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष चाहे जितना शोर मचा ले, जनता अपना फैसला मतदान के जरिए देती है। राजभर के मुताबिक, चुनाव में जनता का समर्थन मिलने के कारण सरकार बनती है और विपक्ष के आरोपों से राजनीतिक वास्तविकता नहीं बदलती।
राजभर ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने विपक्ष की ओर से वोट चोरी के आरोप लगाए जाने पर सवाल उठाया और कहा कि जनता को सब पता है कि सही क्या है और गलत क्या। उन्होंने कन्नौज के एक चुनाव का उदाहरण देते हुए भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। हालांकि, राजभर के इन बयानों के समर्थन में किसी विशेष चुनावी मामले का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी की हार के बाद अखिलेश ने मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में अनियमितताएं हुई हैं और सत्तारूढ़ दल ने अनुचित तरीके अपनाए हैं। बीजेपी की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।
इस विवाद में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रामप्रताप सिंह चौहान ने भी अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने दावा किया कि आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी ने मतगणना प्रक्रिया को सही बताया है। चौहान के अनुसार, जब संबंधित उम्मीदवार ही गिनती को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर रहा है, तो सपा प्रमुख की ओर से सवाल उठाने का औचित्य समझ से परे है। रामप्रताप सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपनी पार्टी की चुनावी हार से निराश होकर इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के बजाय मतगणना पर सवाल उठाना सपा प्रमुख की राजनीतिक शैली बन गई है। हालांकि, मतगणना को लेकर अलग-अलग नेताओं के बयानों के बीच निष्पक्ष आकलन के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के आधिकारिक रिकॉर्ड और शिकायतों की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को बढ़ावा दिया है। एक ओर समाजवादी पार्टी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी और उसके सहयोगी दल इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं। इस विवाद का असर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, वोट चोरी और मतगणना में कथित गड़बड़ी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है। आरोपों की पुष्टि या खंडन के लिए आधिकारिक तथ्यों का सामने आना जरूरी है। ऐसे में चुनावी नतीजों से जुड़े विवाद का अंतिम आकलन राजनीतिक बयानों के बजाय प्रमाणों और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जाना चाहिए।