लखनऊ। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब का असर अब उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। बुधवार को लखनऊ में दिनभर बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार यानी 29 अक्टूबर को भी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण प्रदेश के कई जिलों में लोगों को बारिश और तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
राजधानी लखनऊ में 29 से 31 अक्टूबर के बीच मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। गुरुवार को शाम या रात के समय एक-दो बार बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण तापमान में विशेष बदलाव की संभावना कम है, लेकिन तेज हवाओं और बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रादेशिक मौसम केंद्र के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णब 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम तट के आसपास से गुजरने के बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 29 और 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। यहां तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। मौसम के इस बदलाव से सड़क यातायात और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
बेमौसम बारिश और तेज हवाएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। खेतों में खड़ी फसलों के साथ-साथ कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखी उपज को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। लगातार बारिश होने से खेतों में पानी भरने और फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाएं। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों ने खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज हवा और बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न हों। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में रहना बेहतर है।
वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतें, क्योंकि बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और तेज हवाओं से दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
कुल मिलाकर, चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रह सकता है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों और किसानों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने तथा जरूरी एहतियात बरतने की आवश्यकता है।