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भूटान में ग्लेशियल झील फटने से बंगाल-असम में बाढ़ का खतरा

ओडिशा में 62 हजार लोग प्रभावित नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भूटान में ग्लेशियल झील (हिमनदी झील) फटने के बाद पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भूटान से भारत आने वाली संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से […]

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  • October 30, 2026 8:25 am IST, Published 1 hour ago

ओडिशा में 62 हजार लोग प्रभावित

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भूटान में ग्लेशियल झील (हिमनदी झील) फटने के बाद पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भूटान से भारत आने वाली संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से प्रशासन अलर्ट पर है। वहीं, ओडिशा में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राज्य के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन इलाकों में करीब 62 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

दूसरी ओर, चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इसके बावजूद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए 14 राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

भूटान में ग्लेशियल झील फटने से संकोश नदी का जलस्तर बढ़ा

भूटान में ग्लेशियल झील फटने की घटना के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पश्चिम बंगाल और असम के सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

ग्लेशियल झीलें हिमनदों के पिघलने से बनती हैं। जब इन झीलों का प्राकृतिक बांध टूट जाता है तो बड़ी मात्रा में पानी अचानक नीचे की ओर बहने लगता है। इसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। इस तरह की घटनाओं से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

ओडिशा में बाढ़ से 62 हजार लोग प्रभावित

ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। गंजाम जिले के करीब 300 गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से टूट गया है। गंजाम और गजपति जिलों में लगभग 62 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

राहत और बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 54 टीमें तैनात की गई हैं। बचाव दल अब तक 120 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुके हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

अर्नब तूफान कमजोर, फिर भी कई राज्यों में बारिश

चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान 14 राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कई राज्यों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों और आम लोगों के लिए कुछ क्षेत्रों में मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।

दिल्ली में अक्टूबर की सबसे ठंडी दोपहर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार देर रात बारिश हुई। इसके बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह एक दिन पहले के मुकाबले 6.4 डिग्री सेल्सियस कम था।

बताए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में अक्टूबर महीने का यह सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली में मौसम सुहावना हो गया है।

प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

भूटान में ग्लेशियल झील फटने, ओडिशा में बाढ़ और देश के कई राज्यों में लगातार बारिश ने मौसम संबंधी चुनौतियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचना और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। राहत और बचाव एजेंसियों के सामने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

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