भाजपा सांसद ने विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर विपक्षी नेताओं के बयानों में एकरूपता नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता सरकार के खिलाफ ऐसे आरोप लगा रहे हैं, जिनका तथ्यों से मेल नहीं है। पात्रा ने विशेष रूप से रामलीला मैदान की रैली में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को रोकने के आरोप को गलत बताया। दरअसल, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। इस आयोजन को लेकर विपक्षी दलों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं ने प्रेसवार्ता के दौरान रैली और संसद से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। इसी के जवाब में संबित पात्रा ने मीडिया के सामने अपनी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताया।
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि बाहर से आने वाले लोगों को सरकार रामलीला मैदान तक पहुंचने से रोक रही है, सही नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में इस आरोप को गलत बताते हुए विपक्ष पर राजनीतिक भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। वहीं, संसद में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन नहीं हो पाने का मामला भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। राहुल गांधी ने अपनी प्रेसवार्ता में इस मुद्दे को उठाया था। संबित पात्रा ने इस पर विपक्ष के भीतर एकता की कमी का जिक्र करते हुए सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता अलग-अलग मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी बात रखने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर राहुल गांधी और विपक्षी नेता सरकार की नीतियों तथा रैली से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा इन आरोपों को खारिज कर रही है। संबित पात्रा के बयान ने इस राजनीतिक टकराव को और चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं। राहुल गांधी के आरोपों पर संबित पात्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें गलत बताया है। अब देखना होगा कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली किस तरह आयोजित होती है और इस आयोजन को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।