नई दिल्ली। इतिहास के पन्नों में 2 नवंबर की तारीख कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता शाहरुख खान का जन्म हुआ था। वहीं, वर्ष 1917 में ब्रिटेन ने बालफोर घोषणा जारी की थी, जिसने पश्चिम एशिया के इतिहास को प्रभावित किया। वर्ष 2000 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहला स्थायी अंतरिक्ष यात्री दल पहुंचा था। इसके अलावा साहित्य, राजनीति, विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं भी इस दिन हुईं। आइए जानते हैं 2 नवंबर का इतिहास और इस दिन की प्रमुख घटनाएं।
1834 – भारतीय मजदूरों का पहला जत्था मॉरीशस पहुंचा। भारत से अनुबंधित मजदूरों को लेकर एटलस नाम का जहाज मॉरीशस पहुंचा। इस घटना को वहां भारतीय प्रवासियों के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।
1917 – बालफोर घोषणा जारी हुई। ब्रिटेन के विदेश सचिव आर्थर जेम्स बालफोर ने बैरन रोथ्सचाइल्ड को पत्र लिखकर फिलिस्तीन में यहूदी लोगों के लिए राष्ट्रीय घर की स्थापना के प्रति ब्रिटिश सरकार का समर्थन व्यक्त किया।
1930 – हैले सेलासी इथियोपिया के सम्राट बने। उनका राज्याभिषेक हुआ। उन्होंने इथियोपिया के इतिहास और अफ्रीकी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1936 – ब्रिटेन में नियमित टेलीविजन प्रसारण शुरू हुआ। ब्रिटिश प्रसारण निगम ने लंदन के एलेक्जेंड्रा पैलेस से नियमित उच्च गुणवत्ता वाली टेलीविजन सेवा शुरू की।
1947 – विशाल स्प्रूस गूज विमान ने पहली उड़ान भरी। अमेरिकी विमानन विशेषज्ञ हॉवर्ड ह्यूज के बनाए विशाल एच-4 हरक्यूलिस विमान ने अपनी पहली और एकमात्र उड़ान भरी।
1950 – जॉर्ज बर्नार्ड शॉ का निधन हुआ। प्रसिद्ध आयरिश नाटककार और साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता जॉर्ज बर्नार्ड शॉ ने दुनिया को अलविदा कहा।
1963 – दक्षिण वियतनाम के राष्ट्रपति की हत्या हुई। सैन्य तख्तापलट के बाद राष्ट्रपति न्गो दिन्ह दीम और उनके भाई की हत्या कर दी गई।
1983 – मार्टिन लूथर किंग जूनियर के सम्मान में कानून पर हस्ताक्षर हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने उनके सम्मान में राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर किए।
2000 – अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहला स्थायी दल पहुंचा। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री विलियम शेफर्ड और रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी गिदजेंको तथा सर्गेई क्रिकालेव अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे। इसके साथ ही अंतरिक्ष में मनुष्यों के लगातार रहने का नया अध्याय शुरू हुआ।
2022 – इथियोपिया में शांति समझौता हुआ। इथियोपिया की सरकार और टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के बीच संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
1534 – गुरु रामदास: सिख धर्म के चौथे गुरु का जन्म हुआ।
1755 – मैरी एंटोनेट: फ्रांस की पूर्व रानी का जन्म हुआ।
1865 – वॉरेन जी. हार्डिंग: अमेरिका के 29वें राष्ट्रपति का जन्म हुआ।
1877 – आगा खान तृतीय: इस्माइली समुदाय के प्रमुख धार्मिक नेता का जन्म हुआ।
1897 – सोहराब मोदी: प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्माता-निर्देशक का जन्म हुआ।
1941 – अरुण शौरी: भारतीय पत्रकार, लेखक और राजनेता का जन्म हुआ।
1960 – अनु मलिक: प्रसिद्ध हिंदी फिल्म संगीतकार का जन्म हुआ।
1965 – शाहरुख खान: हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता शाहरुख खान का जन्म नई दिल्ली में हुआ।
1982 – योगेश्वर दत्त: भारतीय कुश्ती खिलाड़ी का जन्म हुआ।
1950 – जॉर्ज बर्नार्ड शॉ: प्रसिद्ध आयरिश नाटककार और साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता का निधन हुआ।
1963 – न्गो दिन्ह दीम: दक्षिण वियतनाम के पहले राष्ट्रपति की हत्या हुई।
2004 – थियो वान गॉग: डच फिल्म निर्देशक का निधन हुआ।
अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के खिलाफ अपराधों में दंडमुक्ति समाप्त करने का दिवस
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पत्रकारों के खिलाफ होने वाली हिंसा, धमकी और हत्या जैसी घटनाओं के मामलों में न्याय सुनिश्चित करना है। यह दिवस पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करता है।
सर्व आत्मा स्मरण दिवस
ईसाई परंपरा में 2 नवंबर को सर्व आत्मा स्मरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन दिवंगत लोगों को याद किया जाता है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
मृतकों का दिवस
मेक्सिको और दुनिया के कई हिस्सों में 1 और 2 नवंबर को मृतकों का दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने दिवंगत परिजनों को याद करते हैं और उनकी स्मृति में विशेष आयोजन करते हैं।
2 नवंबर की तारीख राजनीति, विज्ञान, साहित्य, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जहां एक ओर इस दिन शाहरुख खान जैसे लोकप्रिय भारतीय कलाकार का जन्म हुआ, वहीं दूसरी ओर अंतरिक्ष में मानव की निरंतर मौजूदगी की शुरुआत जैसी ऐतिहासिक उपलब्धि भी दर्ज हुई। यह तारीख पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के महत्व की याद भी दिलाती है।