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चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तट पर दी दस्तक

110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; ओडिशा में 1.6 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए आंध्र प्रदेश। चक्रवाती तूफान मुरासु ने सोमवार देर रात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी। तूफान के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं और कई इलाकों में भारी बारिश की […]

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  • November 3, 2026 5:58 am IST, Published 7 minutes ago

110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; ओडिशा में 1.6 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

आंध्र प्रदेश। चक्रवाती तूफान मुरासु ने सोमवार देर रात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी। तूफान के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं और कई इलाकों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कई राज्यों में एहतियाती कदम उठाए हैं। आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 37 टीमें पांच राज्यों में तैनात की गई हैं।

नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराया तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान मुरासु सोमवार देर रात करीब एक बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराना शुरू हुआ। सुबह चार बजे तक इसके तटीय क्षेत्र को पार करने की जानकारी सामने आई। तूफान ने नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट पर प्रभाव दिखाया। इस दौरान समुद्र के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं चलीं और मौसम खराब रहा।

तूफान के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा सके।

ओडिशा में 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से लगभग 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर भेजा गया है। स्थानीय अधिकारियों को राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आंध्र प्रदेश में 19 उड़ानें रद्द

तूफान के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों पर कुल 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी संबंधित विमानन कंपनी से प्राप्त कर लें।

इसके अलावा, आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 37 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार रखी गई हैं।

तमिलनाडु में बारिश, चेन्नई के स्कूल बंद

चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर जिलों में रविवार रात से बारिश हो रही है। खराब मौसम और संभावित जोखिम को देखते हुए चेन्नई में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

मौसम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहा है।

कई अन्य राज्यों में भी दिख सकता है असर

चक्रवाती तूफान का प्रभाव मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में बारिश और मौसम में बदलाव की आशंका जताई गई है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर तटीय राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आने वाले समय में मौसम की स्थिति के अनुसार राहत और बचाव से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।

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