नोएडा मेट्रो में बड़ा बदलाव, अब रात 11:25 बजे तक सफर करें

नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन की समय-सारिणी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब यात्रियों को रात में मेट्रो से सफर करने के लिए पहले की तुलना में अधिक समय मिलेगा। नए […]

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  • November 2, 2026 9:16 pm IST, Published 10 minutes ago

नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन की समय-सारिणी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब यात्रियों को रात में मेट्रो से सफर करने के लिए पहले की तुलना में अधिक समय मिलेगा। नए शेड्यूल के तहत नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन की ओर जाने वाली आखिरी मेट्रो अब रात 11 बजकर 25 मिनट पर रवाना होगी। पहले यह सेवा रात 10 बजे तक ही उपलब्ध थी। इसके अलावा व्यस्त समय में मेट्रो ट्रेनों के बीच का अंतर भी कम कर दिया गया है। इस फैसले से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और देर शाम तक काम करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रात में यात्रा करने वालों को मिली बड़ी राहत

नोएडा मेट्रो की नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें शाम के समय कार्यालय, बाजार, शिक्षण संस्थानों या अन्य कार्यों से घर लौटने में देर हो जाती है। पहले रात 10 बजे के बाद सेक्टर-51 से डिपो स्टेशन की दिशा में मेट्रो सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को कैब, ऑटो या अन्य परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ता था।

अब आखिरी मेट्रो का समय रात 11:25 बजे निर्धारित किए जाने से यात्रियों को लगभग 85 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। इससे खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी, जिनकी नौकरी की शिफ्ट देर शाम समाप्त होती है या जिन्हें नोएडा से ग्रेटर नोएडा की ओर नियमित आवागमन करना पड़ता है।

यह बदलाव नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीक आवर्स में अब कम करना होगा इंतजार

एनएमआरसी ने केवल रात की मेट्रो सेवा का समय ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि व्यस्त समय में ट्रेनों की आवृत्ति भी बढ़ाई है। नई व्यवस्था के अनुसार पीक आवर्स में मेट्रो ट्रेनों के बीच का अंतर पहले के 7 मिनट 30 सेकंड से घटाकर 6 मिनट 35 सेकंड कर दिया गया है।

इसका मतलब है कि यात्रियों को पहले की तुलना में कम समय तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ेगा। सुबह और शाम के व्यस्त समय में बड़ी संख्या में लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेनों के बीच अंतर कम होने से प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ और प्रतीक्षा समय को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

विशेष रूप से नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों, आईटी कंपनियों, कॉरपोरेट कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव उपयोगी साबित हो सकता है।

सुबह की पहली मेट्रो के समय में नहीं हुआ बदलाव

नई समय-सारिणी के तहत सुबह की पहली मेट्रो के संचालन समय को पहले जैसा ही रखा गया है। सोमवार से शनिवार तक पहली ट्रेन सुबह 6 बजे रवाना होती है, जबकि रविवार को मेट्रो सेवा सुबह 8 बजे शुरू होती है।

इस प्रकार एनएमआरसी ने फिलहाल सुबह की सेवाओं के समय में कोई बदलाव नहीं किया है। प्रमुख बदलाव देर रात तक सेवा उपलब्ध कराने और व्यस्त समय में ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने से संबंधित हैं।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपने संबंधित स्टेशन की समय-सारिणी और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

रिकॉर्ड यात्रियों की संख्या के बाद लिया गया फैसला

नोएडा मेट्रो में यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को इस फैसले की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक्वा लाइन ने 23 अक्टूबर 2026 को एक दिन में 1,05,358 यात्रियों के आवागमन का रिकॉर्ड दर्ज किया था। यह इस मेट्रो कॉरिडोर की अब तक की सबसे अधिक एकदिवसीय यात्री संख्या बताई गई है।

इसके अतिरिक्त यात्रियों की औसत दैनिक संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। अगस्त 2026 में एक्वा लाइन पर प्रतिदिन औसतन 73,298 यात्रियों ने सफर किया था। सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 83,403 प्रतिदिन पहुंच गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो परिवहन की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए सेवा का विस्तार और संचालन व्यवस्था में सुधार जरूरी हो गया था।

एनएमआरसी के महाप्रबंधक अंजनी कुमार के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन बदलावों की घोषणा पहले की गई थी और नई व्यवस्था रविवार से लागू कर दी गई है।

सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच स्काईवॉक से भी सुविधा

नोएडा मेट्रो के यात्रियों की सुविधा के लिए हाल के दिनों में कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं। इनमें नोएडा सेक्टर-51 और दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

यह स्काईवॉक यात्रियों को दोनों स्टेशनों के बीच आवाजाही का सुविधाजनक रास्ता उपलब्ध कराता है। पहले यात्रियों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के लिए सड़क या जमीनी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता था। इस दौरान उन्हें कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता था।

स्काईवॉक के माध्यम से अब यात्रियों को दोनों मेट्रो नेटवर्क के बीच इंटरचेंज करने में अधिक सुविधा मिल रही है। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो दिल्ली और नोएडा के बीच नियमित रूप से यात्रा करते हैं।

इसके साथ ही क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) जैसी सुविधाओं ने भी यात्रियों के लिए टिकट खरीदने और भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विकास को मिलेगा फायदा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा तेजी से विकसित होते शहरी और औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, औद्योगिक इकाइयां, शिक्षण संस्थान, अस्पताल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों लोग प्रतिदिन मेट्रो के माध्यम से आवागमन करते हैं।

देर रात तक मेट्रो सेवा उपलब्ध होने से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ सकता है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सड़कों पर यातायात का दबाव घटाने में भी मदद मिलने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी तेजी से विकसित होते शहर में सार्वजनिक परिवहन का समय और आवृत्ति यात्रियों की जरूरत के अनुरूप होना जरूरी है। मेट्रो सेवा को अधिक समय तक उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मेट्रो विस्तार की योजनाओं पर भी चल रहा काम

एनएमआरसी एक्वा लाइन के विस्तार की दिशा में भी काम कर रहा है। प्रस्तावित परियोजनाओं में डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक लगभग 2.6 किलोमीटर का विस्तार और बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक लगभग 11.56 किलोमीटर का नया कॉरिडोर शामिल है।

इसके अलावा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक लगभग 8.4 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी मिलने की प्रक्रिया भी चर्चा में है। इस प्रस्तावित मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए जाने की योजना है।

इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उन इलाकों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है, जहां अभी सार्वजनिक परिवहन की बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता है।

यात्रियों के लिए क्या है सबसे जरूरी जानकारी?

नोएडा मेट्रो की नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि सेक्टर-51 से डिपो स्टेशन की दिशा में आखिरी मेट्रो अब रात 11:25 बजे रवाना होगी। वहीं पीक आवर्स में ट्रेनों के बीच का अंतर घटाकर 6 मिनट 35 सेकंड कर दिया गया है।

हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 11:25 बजे का समय सेक्टर-51 से डिपो स्टेशन की दिशा में आखिरी ट्रेन के प्रस्थान का है। इसे दोनों दिशाओं की आखिरी मेट्रो का समय नहीं समझना चाहिए। दूसरे स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अपने स्टेशन के अनुसार समय देखना चाहिए।

कुल मिलाकर, नोएडा मेट्रो की नई समय-सारिणी देर रात सफर करने वालों और व्यस्त समय में मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए राहत लेकर आई है। अब देखना होगा कि बढ़ती यात्री संख्या के बीच ये बदलाव नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को कितना अधिक प्रभावी बनाते हैं।

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