पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द कर दिया है। आयोग ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने के बाद यह कदम उठाया है। आयोग के अनुसार, यह परीक्षा 14 से 21 अप्रैल के बीच कुल 9 पालियों में आयोजित की गई थी। लेकिन परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर अनियमितताओं और नकल के प्रयासों की शिकायतें सामने आईं। जिला प्रशासन की सतर्कता के चलते कई जगहों पर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने की कोशिशों का भी खुलासा हुआ, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
इसके साथ ही आयोग ने 23 अप्रैल को आयोजित सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा को भी रद्द कर दिया है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जिन्होंने दोनों परीक्षाओं में शामिल होकर तैयारी की थी। सबसे सख्त कार्रवाई के तहत आयोग ने 32 अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। इन पर परीक्षा के दौरान नकल करने की कोशिश और परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं।
आयोग ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी कारण जिन केंद्रों पर गड़बड़ी सामने आई है, वहां की पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद परीक्षा प्रणाली को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है कि कैसे तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। आयोग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।