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खरीफ 2026 के लिए उर्वरक सब्सिडी को मंजूरी, किसानों को बड़ी राहत

नयी दिल्ल्ली:  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम आधारित उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy – NBS) दरों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा […]

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Gauravshali Bharat News
  • May 2, 2026 3:05 pm IST, Published 2 hours ago

नयी दिल्ल्ली:  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम आधारित उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy – NBS) दरों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ देशभर के किसानों को मिलेगा। इस निर्णय के तहत सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को फॉस्फेट और पोटेशियम जैसे आवश्यक उर्वरक नियंत्रित और सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि खेती की लागत कम हो और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिले।

लागत घटाने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नीति किसानों को रासायनिक उर्वरकों की बढ़ती कीमतों से राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आयात पर निर्भरता के कारण उर्वरकों की कीमतें प्रभावित होती हैं। ऐसे में पोषक तत्व आधारित सब्सिडी प्रणाली के तहत सरकार प्रत्येक पोषक तत्व (नाइट्रोजन, फॉस्फेट, पोटाश आदि) के आधार पर सब्सिडी तय करती है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी रहती है। इस फैसले से न केवल किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि कृषि उत्पादन में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित और सस्ते उर्वरक मिलने से फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सुधार होगा। सरकार का मानना है कि यह कदम देश में कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि क्षेत्र में स्थिरता और आपूर्ति पर जोर

केंद्र सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्यों के साथ मिलकर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें, ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न हो। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब कृषि लागत और वैश्विक उर्वरक बाजार में अस्थिरता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को स्थिर और पूर्वानुमानित कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर योजना के साथ खेती कर सकें। कुल मिलाकर, खरीफ 2026 के लिए उर्वरक सब्सिडी को मंजूरी देना कृषि क्षेत्र को समर्थन देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम नीतिगत कदम माना जा रहा है।

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