नई दिल्ली: देश में बैंकिंग सेक्टर में कर्ज वितरण की रफ्तार वित्त वर्ष 2025-26 में तेज हो गई है। वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बैंकों की कुल क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 15.9% पर पहुंच गई है, जो पिछले वित्त वर्ष में 10.9% थी।
पर्सनल लोन में इस साल 16.2% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष 11.7% थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वाहन और आवास ऋण की मजबूत मांग तथा गोल्ड लोन के बढ़ते उपयोग के कारण हुई है, वही पर वित्तमंत्रालय ने कहा कि, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में भी कर्ज वितरण में सुधार देखने को मिला है। इस सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ 15.7% रही, जबकि पिछले वर्ष यह 10.4% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर में बेहतर कर्ज प्रवाह के चलते औद्योगिक क्रेडिट ग्रोथ 19% तक पहुंच गई है, जो पिछले साल 12% थी। इससे छोटे व्यवसायों में निवेश और विस्तार को समर्थन मिला है।
NBFC, ट्रेड और कमर्शियल रियल एस्टेट की बढ़ती मांग के कारण सर्विस सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ 19% दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष यह 12% थी। मार्च अंत तक देश में कुल बकाया बैंक कर्ज बढ़कर 212.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.2 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह वृद्धि मजबूत आर्थिक गतिविधियों और कर्ज की बढ़ती मांग का संकेत है, जो अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विस्तार को दर्शाता है।