रांची। सदस्य, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार से जुड़े रविंद्र तिवारी आज सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में एक सक्रिय, प्रभावशाली और सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari के करीबी मित्र एवं सहयोगी के रूप में भी उनकी पहचान लगातार मजबूत होती जा रही है।
रविंद्र तिवारी वर्षों से सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को केवल कानून से नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना पैदा करके कम किया जा सकता है। इसी सोच के साथ वे शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, शराब पीकर वाहन नहीं चलाना, तेज रफ्तार से बचना और ट्रैफिक संकेतों का पालन करना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वे लगातार अभियान चला रहे हैं। युवाओं और छात्रों के बीच विशेष रूप से उनकी मुहिम का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। कई जागरूकता कार्यक्रमों में वे लोगों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के व्यावहारिक उपाय भी बताते हैं।
झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियान को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उनके प्रयासों की सराहना कई सामाजिक और प्रशासनिक मंचों पर भी की जा चुकी है।
रविंद्र तिवारी का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। यदि प्रत्येक व्यक्ति यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करे, तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
सामाजिक सेवा और जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें एक सकारात्मक सार्वजनिक चेहरा बनाया है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग उनके अभियानों और प्रेरणादायक संदेशों से जुड़ रहे हैं।
रविंद्र तिवारी की कार्यशैली, सामाजिक सोच और समर्पण यह साबित करता है कि यदि कोई व्यक्ति समाजहित को अपना उद्देश्य बना ले, तो वह सकारात्मक बदलाव का मजबूत माध्यम बन सकता है। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आज युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है।