उन्होंने कहा, “मुझे पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है… अगर सच में उनके पाकिस्तानी बेस में ईरानी एयरक्राफ्ट पार्क हैं, तो इससे मुझे लगता है कि हमें कोई और मध्यस्थ देखना चाहिए… अचंभा नहीं कि बातचीत किसी दिशा में नहीं बढ़ रही।”
ग्राहम के इस बयान को क्षेत्रीय कूटनीति और पश्चिम एशिया की बदलती रणनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पाकिस्तान और ईरान के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग की अटकलों के बीच लिंडसे ग्राहम का बयान चर्चा में आ गया है। अमेरिकी हलकों में यह चिंता जताई जा रही है कि यदि पाकिस्तान किसी संवेदनशील क्षेत्रीय बातचीत में निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा पा रहा, तो वैकल्पिक मध्यस्थ की जरूरत पड़ सकती है।
ग्राहम का यह बयान आने वाले दिनों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों और मध्य पूर्व की कूटनीतिक गतिविधियों पर असर डाल सकता है।