वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल ने कहा है कि क्रूज़ शिप MV Hondius पर फैले संक्रमण की जांच अभी जारी है और वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वायरस आखिर फैला कैसे।
WHO के मुताबिक, शुरुआती दो संक्रमित यात्री एक डच कपल क्रूज़ पर सवार होने से पहले Argentina, Chile और Uruguay में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। इस दौरान वे उन इलाकों में भी पहुंचे जहाँ ऐसे संक्रमित चूहे पाए जाते हैं जो Hantavirus फैलाते हैं।
WHO अब अर्जेंटीना की स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर कपल की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री और मूवमेंट की जांच कर रहा है, ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके।
अब तक इस आउटब्रेक से जुड़े 8 मामले सामने आए हैं। इनमें 5 संक्रमण लैब में कन्फर्म हुए हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है। WHO ने बताया कि यह Andes strain हो सकता है, जो Hantavirus का दुर्लभ प्रकार माना जाता है और इसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की संभावना रहती है।
इस बीच WHO और कई देशों की हेल्थ एजेंसियों ने कम से कम 12 देशों को अलर्ट जारी किया है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, सिंगापुर, स्विट्ज़रलैंड और डेनमार्क समेत कई देशों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और मेडिकल मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है, क्योंकि क्रूज़ के यात्री अलग-अलग देशों में लौट चुके हैं। WHO के अनुसार, शिप पर 23 अलग-अलग राष्ट्रीयताओं के यात्री सवार थे, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
हालांकि WHO ने फिलहाल आम लोगों के लिए खतरे का स्तर “कम” बताया है। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा स्थिति कोविड जैसी वैश्विक महामारी बनने की आशंका फिलहाल नहीं दिखाती, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी और जांच तेज कर दी गई है।