नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ: जून की शुरुआत होते ही देश के बड़े हिस्से को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार के कई इलाकों में तेज आंधी, झमाझम बारिश और ओलावृष्टि (ओले गिरना) से मौसम पूरी तरह बदल गया है। कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है।
राजस्थान में बाढ़ जैसे हालात: मरूभूमि राजस्थान के 10 से ज्यादा जिलों में जोरदार बारिश हुई है। जोधपुर के पीपाड़ शहर में सड़कें तालाब बन गईं, तो उदयपुर के गोगुंदा में अस्पताल के बाहर पानी भर गया। पाली के घाणेराव में तो सड़कों पर नदियों की तरह पानी बहता नजर आया।
दिल्ली में टूटा 3 साल का रिकॉर्ड: देश की राजधानी दिल्ली में 1 जून का दिन पिछले तीन सालों में सबसे ठंडा दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री कम, यानी सिर्फ 36.3°C रहा।
UP और MP में बदला मौसम: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत दी है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी बादल छाए हुए हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, भीषण गर्मी का इंतजार अब खत्म होने वाला है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अगले 2 से 3 दिनों के भीतर केरल के तट पर दस्तक दे सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान: आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और वहां से आगे बढ़ते हुए अगले डेढ़ महीने के भीतर यानी जुलाई के मध्य तक पूरे देश को कवर कर लेता है। इस बार उत्तर भारत में प्री-मानसून एक्टिविटी (मानसून से पहले की बारिश) पहले ही शुरू हो जाने से लोगों को नौतपा की गर्मी से बड़ी राहत मिल गई है।