एक युवा अफसर…पहली पोस्टिंग और लेकिन कुछ ही सालों में वही अफसर अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर चुकी हैं।
अनुप्रीत कौर रंधावा, जो इस समय पंजाब के गुरदासपुर में SDM हैं, उन्हें तरनतारन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि मुआवज़े के नाम पर करीब 1.63 करोड़ रुपए ऐसे लोगों तक पहुंचाए गए, जिनकी जमीन थी ही नहीं।
यानी असली हकदारों की जगह फर्जी नामों पर पैसा निकाल लिया गया।
बताया जा रहा है कि उस समय अनुप्रीत कौर रंधावा की यह शुरुआती पोस्टिंग थी। जमीन अधिग्रहण और मुआवज़े की प्रक्रिया में उनकी भूमिका पर सवाल उठे, जिसके बाद 2019 में FIR दर्ज की गई।
इसके बाद मामला धीरे-धीरे हाईप्रोफाइल बनता गया।
जांच एजेंसियों ने रिकॉर्ड खंगाले, दस्तावेज़ देखे और कई स्तरों पर पूछताछ की।
करीब 6 साल तक चली जांच के बाद अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
इस गिरफ्तारी ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी है।
क्योंकि जिस पोस्टिंग से एक अफसर अपने करियर की मजबूत शुरुआत करना चाहता है…
वही पोस्टिंग अब अनुप्रीत कौर रंधावा के लिए सबसे बड़ा विवाद बन गई है।