उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को उनके विभाग आवंटित कर दिए गए हैं। रविवार देर रात जारी सूची के अनुसार सभी नए मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। इसके साथ ही सोमवार को होने वाली पहली कैबिनेट बैठक का एजेंडा भी तय कर लिया गया है। माना जा रहा है कि बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही नए मंत्रियों के विभागों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज थी। विभागों के बंटवारे के साथ अब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी कामकाज को गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को प्रस्तावित पहली कैबिनेट बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में सरकारी खर्चों में कटौती, विकास योजनाओं की समीक्षा तथा कई नई परियोजनाओं को मंजूरी देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश में कानून-व्यवस्था, ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के आवंटन के जरिए सरकार ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
सरकार की पहली कैबिनेट बैठक पर प्रदेश की जनता और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि बैठक में कौन-कौन से बड़े फैसले लिए जाते हैं और उनका प्रदेश की राजनीति व विकास पर क्या असर पड़ता है।