गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के मुख्य आरोपी कमलेश बिंद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर अब सरकार को सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि उसकी सहयोगी पार्टी की ओर से भी सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मुठभेड़ की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होना अधिक उचित है। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में होने वाली पुलिस मुठभेड़ों को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कमलेश बिंद पर होटल व्यवसायी के पुत्र विनीत राय की हत्या सहित कई गंभीर आरोप दर्ज थे। पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थीं तथा उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
मामला उस समय और अधिक राजनीतिक हो गया जब कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में समानता नहीं बरती जा रही है। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
फिलहाल गाजीपुर एनकाउंटर कानून-व्यवस्था के मुद्दे से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। सरकार जहां पुलिस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ सख्त कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और सहयोगी दलों के कुछ नेता पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।