लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को चाक-चौबंद करने के लिए कमर कस ली है। गुरुवार शाम राजधानी लखनऊ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के कामकाज और क्षमता विस्तार की गहन समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी मानसून के दौरान बाढ़ और किसी भी संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए।
बैठक में आपदा प्रबंधन को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सीएम योगी ने निर्देश दिए कि जवानों के प्रशिक्षण को और अधिक व्यावहारिक बनाया जाए और इसमें अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का समावेश किया जाए। विशेष रूप से संकट के समय दुर्गम स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF में ह्यूमन लिफ्टिंग ड्रोन (Human Lifting Drone) के इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम करने को कहा गया है।
राज्य में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में बन रही महिला पीएसी बटालियनों के गठन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इन तीनों बटालियनों में देश की महान ऐतिहासिक वीरांगनाओं के सम्मान में भव्य अश्वारोही (घुड़सवार) प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी:
बदायूं: वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी
लखनऊ: ऊदा देवी
गोरखपुर: झलकारी बाई
मुख्यमंत्री ने यूपीएसएसएफ (UPSSF) में जवानों की तैनाती के लिए कड़े और पारदर्शी मानक तय करने के निर्देश दिए हैं, ताकि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अभेद्य रहे। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि सुरक्षा और आधुनिकीकरण से जुड़ी सभी चालू परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए।