नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायपालिका को आम जनता के लिए और अधिक सुलभ तथा प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। शनिवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब न्यायिक व्यवस्था को ऐसी प्रणाली विकसित करनी चाहिए, जिससे आम आदमी को तुरंत राहत मिल सके।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका को उन अस्पतालों की तरह कार्य करना चाहिए, जो चौबीसों घंटे यानी 24×7 खुले रहते हैं। उनका मानना है कि लोगों की पीड़ा, समस्याओं और आकांक्षाओं का समाधान तेजी से होना चाहिए ताकि न्याय में देरी के कारण जनता को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और आधुनिक बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का विषय “फ्रैगमेंटेशन टू फ्यूजन: एम्पावरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन” था, जिसमें न्यायपालिका में डिजिटल तकनीक के उपयोग और सुधारों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर CJI ने हाई कोर्ट के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म न्याय प्रक्रिया को आसान बनाएंगे और लोगों को घर बैठे न्यायिक सेवाओं तक पहुंचने में मदद करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायपालिका में डिजिटल बदलाव से मामलों के निपटारे की गति बढ़ेगी और आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत होगा। CJI का यह बयान न्यायिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।