नई दिल्ली : दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 (GK-1) स्थित टाटा कम्युनिकेशंस के कार्यालय भवन में शुक्रवार तड़के आग लगने की घटना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित बैटरी रूम में लगी, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 11 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
घटना सुबह करीब 3 बजे के आसपास हुई बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आग बैटरी बैकअप सिस्टम (UPS) में विस्फोट के कारण लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। आग लगने के बाद भवन के कुछ हिस्सों में धुआं भर गया, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। फायर ब्रिगेड और तकनीकी टीमों ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और आग को अन्य मंजिलों तक फैलने से रोक लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आग लगभग 200 वर्ग फुट क्षेत्र तक सीमित रही। राहत की बात यह है कि किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि आग बुझाने के दौरान दो फायरफाइटर मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। आग पर सुबह लगभग 7 बजे तक पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिसके बाद कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।
इस घटना के बाद नेटवर्क और डेटा सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। इंटरनेट एक्सचेंज और नेटवर्क सेवा प्रदाता एक्सट्रीम IX (Extreme IX) की ओर से जारी एक सपोर्ट संदेश में बताया गया कि दिल्ली क्षेत्र में नेटवर्क ट्रैफिक में गिरावट देखी गई है। कंपनी के एक प्रतिनिधि ने अपने ग्राहकों को भेजे संदेश में कहा कि GK-1 स्थित डेटा सेंटर परिसर में आग लगने के कारण कुछ विक्रेताओं और नेटवर्क कनेक्शनों पर प्रभाव पड़ सकता है। संदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि गूगल से जुड़े कुछ नेटवर्क कनेक्शन भी ट्रैफिक डिग्रेडेशन का सामना कर रहे हैं।
हालांकि अभी तक टाटा कम्युनिकेशंस, गूगल या किसी अन्य प्रमुख सेवा प्रदाता की ओर से बड़े पैमाने पर नेटवर्क आउटेज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रभावित परिसर में महत्वपूर्ण नेटवर्क उपकरण या बैकअप पावर सिस्टम मौजूद थे, तो कुछ इंटरनेट सेवाओं और डेटा ट्रांसमिशन पर अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण कई कंपनियां और नेटवर्क ऑपरेटर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फायर विभाग और संबंधित एजेंसियों ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में बैटरी रूम और UPS सिस्टम को केंद्र में रखकर तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग के वास्तविक कारणों और हुए नुकसान की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और प्रभावित भवन में सुरक्षा जांच जारी है। नेटवर्क सेवाओं से जुड़े ग्राहक और कारोबारी संस्थान आधिकारिक अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि डेटा सेंटर या नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को सीमित नुकसान हुआ है तो सेवाएं जल्द सामान्य हो सकती हैं। वहीं, जांच पूरी होने तक घटना को लेकर कई तकनीकी पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।
फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, किसी जनहानि की सूचना नहीं है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।