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पहाड़ों में भी बढ़ी तपिश, हिमालयी इलाकों में जंगलों की आग ने बढ़ाई चिंता

उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब हिमालयी क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले चारधाम मार्ग और पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी के कारण जहां पर्यटक परेशान हैं, वहीं जंगलों में आग की घटनाओं ने प्रशासन […]

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  • May 21, 2026 11:50 am IST, Published 3 hours ago

उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब हिमालयी क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले चारधाम मार्ग और पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी के कारण जहां पर्यटक परेशान हैं, वहीं जंगलों में आग की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे धार्मिक स्थलों पर इस बार मई महीने में अपेक्षा से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है। केदारनाथ में जहां सामान्यतः तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, वहीं पिछले दो दिनों में यह 15 से 18 डिग्री तक पहुंच गया। बद्रीनाथ में पारा 22 डिग्री, गंगोत्री में 19 डिग्री और यमुनोत्री में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी क्षेत्रों हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने से लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

बढ़ते तापमान और सूखे मौसम का असर जंगलों पर भी देखने को मिल रहा है। गढ़वाल क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों के दौरान जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में आग से जुड़े सैकड़ों अलर्ट जारी किए गए हैं। इस फायर सीजन में अब तक कई हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। वन विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार आग बुझाने और प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गर्म हवाओं और सूखी वनस्पतियों के कारण आग तेजी से फैल रही है।

पर्यटन स्थलों पर भी गर्मी का असर

नैनीताल, मसूरी, धनौल्टी, टिहरी, अल्मोड़ा और कौसानी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। दोपहर के समय कई स्थानों पर पारा 24 से 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जबकि इस मौसम में यहां तापमान आमतौर पर 18 से 22 डिग्री के बीच रहता है। गर्मी बढ़ने से पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि लोग ठंडक की उम्मीद से पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी मौसम में गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

मौसम के जानकारों का मानना है कि लगातार बढ़ता तापमान और बदलता जलवायु पैटर्न पहाड़ी क्षेत्रों के लिए गंभीर संकेत हैं। यदि आने वाले दिनों में तापमान में कमी नहीं आई, तो जंगलों में आग और जल संकट जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

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