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उत्तर भारत में सूर्य का तांडव, मौसम विभाग का रेड-ऑरेंज अलर्ट

उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह पंगु बना दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह […]

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Gauravshali Bharat News
  • May 22, 2026 7:59 am IST, Published 15 hours ago

उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह पंगु बना दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मुख्य बिंदु और तापमान के आंकड़े (डिग्री सेल्सियस में)

शहर/क्षेत्र अधिकतम तापमान विशेष रिकॉर्ड / स्थिति
बांदा (UP) 47.6°C लगातार 5वें दिन देश का सबसे गर्म शहर
प्रयागराज (UP) 46.6°C रिकॉर्ड तोड़ झुलसाने वाली गर्मी
नई दिल्ली (Ridge) 46.5°C दिन का सबसे गर्म इलाका
वाराणसी (UP) 45.6°C सामान्य से कई डिग्री ऊपर
नई दिल्ली (न्यूनतम) 31.9°C 14 सालों में मई की सबसे गर्म रात

अस्पतालों में बढ़ा संकट: हीट स्ट्रोक और ब्रेन स्ट्रोक का हमला

अत्यधिक तापमान के कारण अब यह मौसम स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है।

  • दिल्ली में गंभीर स्थिति: राजधानी में हीट स्ट्रोक के दो बड़े मामले आए हैं, जिनमें से एक मरीज वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

  • उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में कतारें: अकेले लखनऊ के प्रमुख अस्पतालों के न्यूरोलॉजी वार्ड फुल होने की कगार पर हैं:

    • लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान: 32 ब्रेन स्ट्रोक के मरीज भर्ती।

    • KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी): 28 मरीज उपचाराधीन।

    • SGPGHI: 20 गंभीर मरीज भर्ती।

☀️ क्यों टूट रहे हैं गर्मी के रिकॉर्ड?

स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के पूरी तरह सक्रिय न होने के कारण बारिश नहीं हुई है। इसके बिना शुष्क और गर्म पछुआ हवाएं सीधे थपेड़े मार रही हैं, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी ठंडी नहीं हो पा रही हैं।

 हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए जरूरी गाइडलाइन

यदि इस मौसम में बाहर निकलना मजबूरी है, तो इन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करें:

1.शरीर में पानी का स्तर बनाए रखें:घर से निकलने के पहले.

बिना प्यास लगे भी लगातार पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या छाछ पीते रहें। खाली पेट तेज धूप में बाहर न निकलें।

2.सुरक्षात्मक कपड़े और गियर:बाहर निकलते समय.

हमेशा हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को तौलिये, टोपी या छाते से ढककर ही बाहर कदम रखें। धूप का चश्मा (Sunglasses) जरूर लगाएं।

3.पीक ऑवर्स में सावधानी:दोपहर 12 से 4 बजे के बीच.

इस दौरान सीधी धूप में जाने से बचें। यदि आप फील्ड में काम करते हैं, तो हर 20-30 मिनट में छांव या ठंडी जगह पर थोड़ा विश्राम लें।

4.लक्षण पहचानें और तुरंत एक्शन लें:आपातकालीन स्थिति.

यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी या बहुत तेज बुखार (बिना पसीने के) महसूस हो, तो तुरंत मरीज को ठंडी छांव में ले जाएं, शरीर पर गीली पट्टियां रखें और नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।

 

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