ऊर्जा संकट पर योगी सरकार का बड़ा फैसला
लखनऊ: मिडिल ईस्ट (ईरान-अमेरिका और इजराइल) में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। नगर विकास विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत सरकारी खर्चों में कटौती, ईंधन की बचत और बिजली खपत को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं।यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में अधिकारियों के साथ की गई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया है, जिसमें सभी प्रमुख विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और प्रधान सचिव शामिल थे।
बढ़ते ऊर्जा संकट और देश पर पड़ रहे आर्थिक प्रभाव को देखते हुए योगी सरकार ने अधिकारियों की गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर अगले 7 महीनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के संयमित उपयोग और अनावश्यक विदेश यात्राएं कम करने की अपील के बाद राज्य सरकार ने यह प्रशासनिक कदम उठाया है।
ईंधन की खपत को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार ने बड़े बुनियादी बदलावों के निर्देश दिए हैं:
अलग साइकिल ट्रैक: उत्तर प्रदेश के शहरों में 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में साइकिल चलाने के लिए अलग से डेडिकेटेड ट्रैक बनाए जाएंगे।
वाहनों की स्क्रूटनी: सरकारी विभागों में चल रहे 10 साल से पुराने वाहनों, जनरेटरों और दफ्तरों में होने वाली बिजली खपत की सघन जांच कराई जाएगी।
यूपी सरकार के विशेष सचिव प्रवीण कुमार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अब सरकारी कामकाज के तरीकों में बड़ा बदलाव दिखेगा:
डिजिटल मीटिंग्स: नगर विकास विभाग की सभी बैठकें अब अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। जिलों के बीच होने वाले प्रशिक्षण, सेमिनार और बैठकें सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए ही होंगी।
AC और लिफ्ट का सीमित उपयोग: सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने के लिए लिफ्ट, लाइट और एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल कम से कम करने को कहा गया है।
24-26 डिग्री तापमान: दफ्तरों में चलने वाले सभी AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही फिक्स रखना होगा।