जयपुर/मुंबई/बेंगलुरु/पटना: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीबीआई के अनुसार, नीट का पेपर देश के 5 राज्यों में धड़ल्ले से बेचा गया था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान सबसे आगे हैं। इस खुलासे के बाद देश भर के युवाओं में भारी आक्रोश है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
सीबीआई द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके डिजिटल गैजेट्स (मोबाइल, लैपटॉप) को खंगालने के बाद इस पूरे रैकेट का नक्शा सामने आया है:
महाराष्ट्र सबसे बड़ा केंद्र: जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल का सबसे बड़ा गढ़ महाराष्ट्र था। यहीं से ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार कर राजस्थान और अन्य राज्यों के छात्रों तक पहुंचाया गया।
राजस्थान दूसरे नंबर पर: पेपर खरीदने और बेचने के मामले में राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा है।
प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत: जांच एजेंसी को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के बाकायदा प्रिंट आउट निकालकर बेचने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
सटीक संख्या बताना मुश्किल: चूंकि कुछ पेरेंट्स (अभिभावकों) ने पेपर खरीदने के बाद उसे आगे दूसरे लोगों को भी बेच दिया, इसलिए सीबीआई के लिए अभी यह तय करना मुश्किल है कि कुल कितने छात्रों तक यह लीक पेपर पहुंचा।
अब इस मामले में सिर्फ पेपर लीक करने वाले बिचौलिए और मास्टरमाइंड ही नहीं, बल्कि अपने बच्चों के लिए भारी रकम देने वाले अमीर माता-पिता भी फंसने वाले हैं।
सीबीआई इन बैंक खातों की कर रही है जांच:
एजेंसी उन सभी पेरेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से इस घोटाले के मुख्य किरदारों— शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी या उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे (पुणे) के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सीबीआई की टीमें अलग-अलग मोर्चों पर काम कर रही हैं:
दो टीमें: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के बाहर के संदिग्ध किरदारों के खिलाफ सबूत जुटा रही हैं।
तीन टीमें: पेपर खरीदने वाले परिजनों और छात्रों की धरपकड़ के लिए तैयार हैं। इसकी शुरुआत 20 मई की रात को महाराष्ट्र से छापेमारी कर की जा चुकी है, और जल्द ही अन्य राज्यों में भी रेड होगी।
| विवरण | आंकड़े और महत्वपूर्ण तारीखें |
| कुल गिरफ्तारियां | 11 आरोपी (सबसे ज्यादा 7 महाराष्ट्र से गिरफ्तार) |
| परीक्षा की तारीख | 3 मई (551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर) |
| शामिल छात्र | करीब 23 लाख उम्मीदवार |
| गड़बड़ी की सूचना | 7 मई की शाम को मिली |
| परीक्षा रद्द होने की तारीख | 12 मई को परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम का फैसला लिया गया |