सिद्धारमैया ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि उन्होंने पार्टी हाईकमान के निर्देश के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उनके इस्तीफे को स्वीकार करेंगे।
सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है और संविधान के अनुसार सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहुमत प्राप्त दल को सरकार बनाने का अधिकार मिलना चाहिए।
अपने बयान में उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद दिया। सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें सेवा का अवसर दिया, जिसके लिए वे आभारी हैं। इस घटनाक्रम के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान और राज्यपाल के अगले फैसले पर टिकी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्य के नेतृत्व को लेकर नए समीकरण सामने आ सकते हैं।