भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज गिरिबाला को गिरफ्तार कर लिया है। कई घंटों की पूछताछ के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की। इससे कुछ घंटे पहले ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी।
गुरुवार को सीबीआई की टीम भारी पुलिस बल के साथ भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उनके आवास पहुंची। जांच एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की कड़ियों को समझने के लिए वर्चुअल वॉकथ्रू की तैयारी भी शुरू की।
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु, विवाहित महिला के साथ क्रूरता और संयुक्त आपराधिक दायित्व से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, उनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद गिरफ्तारी का निर्णय लिया गया।
इस मामले में गिरिबाला सिंह के बेटे और पेशे से वकील समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं। उन पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। सीबीआई ने हाल ही में मध्य प्रदेश पुलिस से यह जांच अपने हाथ में ली थी और दोबारा एफआईआर दर्ज की थी।
सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और जांच में सहयोग भी नहीं किया। इसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी जमानत निरस्त कर दी।
मामले में नया मोड़ तब आया जब अदालत में ट्विशा शर्मा के शरीर पर सात चोटों का उल्लेख किया गया। महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि ये सभी चोटें मृत्यु से पहले की थीं। अदालत ने भी माना कि ये चोटें शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं आई हो सकतीं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला किसी अपराध की ओर संकेत करता है।
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली थीं। घटना के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब सीबीआई जांच के बाद कई नए खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।