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शब्दों से समाज निर्माण का आह्वान, कश्मीर साहित्य महोत्सव में बोले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा  ने शनिवार को श्रीनगर में आयोजित कश्मीर साहित्य महोत्सव के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साहित्यकारों, लेखकों और बुद्धिजीवियों से समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने तथा भारत के वास्तविक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की अपील […]

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  • May 30, 2026 3:07 pm IST, Published 2 hours ago

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा  ने शनिवार को श्रीनगर में आयोजित कश्मीर साहित्य महोत्सव के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साहित्यकारों, लेखकों और बुद्धिजीवियों से समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने तथा भारत के वास्तविक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की अपील की।

उपराज्यपाल ने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने और जनचेतना जागृत करने की एक सशक्त शक्ति है। उन्होंने लेखकों से आग्रह किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से ऐसे विचारों को सामने लाएं जो लोगों को प्रेरित करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनें।

उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास और वर्तमान को लेकर कई बार गलत धारणाएं और भ्रामक कथाएं प्रस्तुत की जाती हैं। ऐसे में साहित्यकारों की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों और सच्चाई को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाएं तथा देश की वास्तविक पहचान को मजबूती से सामने रखें।

मनोज सिन्हा ने युवाओं को प्रेरित करने वाले साहित्य के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसी रचनाओं की आवश्यकता है जो उनमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करें। साहित्य समाज को जोड़ने और भविष्य को दिशा देने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

कश्मीर साहित्य महोत्सव के इस संस्करण में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लेखक, कवि, साहित्यकार और चिंतक भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के साथ-साथ विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।

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