कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सोमवार को नई सरकार के गठन के तीन हफ्ते बाद पहला मंत्रिमंडल विस्तार पूरा हो गया। लोक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल आर.एन. रवि ने 35 नए बीजेपी विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इस विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की गई है। नए मंत्रियों में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री, 3 को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिग्गज नेता अर्जुन सिंह, तपस रॉय, वरिष्ठ पत्रकार स्वपन दासगुप्ता और पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा को भी इस नई कैबिनेट में अहम जगह मिली है।
संविधान के 91वें संशोधन के नियमों के मुताबिक, किसी भी राज्य के मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या वहां की विधानसभा की कुल सीटों के अधिकतम 15% तक ही सीमित हो सकती है।
कुल विधानसभा सीटें (पश्चिम बंगाल): 294
अधिकतम संभावित मंत्री: 44
वर्तमान मंत्री संख्या (विस्तार के बाद): 41
खाली पद: 3
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तय सीमा के आधार पर बाकी बचे 3 पदों को फिलहाल खाली रखा जाएगा और भविष्य में जरूरत के अनुसार इन्हें भरा जा सकता है।
9 मई 2026 को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ 5 अन्य मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिन्हें 11 मई को विभागों का बंटवारा कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने गृह और वित्त जैसे सबसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही सुरक्षित रखे हैं।
| मंत्री का नाम | सौंपा गया विभाग / मंत्रालय |
| शुभेंदु अधिकारी (CM) | गृह मंत्रालय, वित्त विभाग एवं अन्य सभी गैर-आवंटित मंत्रालय |
| निशिथ प्रमाणिक | उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्रालय |
| दिलीप घोष | ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास, कृषि विपणन |
| अग्निमित्रा पॉल | महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, नगर निकाय विभाग |
| अशोक कीर्तनिया | खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता विभाग |
| क्षुदीराम टुडू | जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा |
प्रमुख नए कैबिनेट मंत्री: अर्जुन सिंह, तपस रॉय, स्वपन दासगुप्ता, दुध कुमार मंडल, दीपक बर्मन, मनोज उरांव, गौरी शंकर घोष, सरद्वत मुखर्जी, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और डॉ. शंकर घोष।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): राजेश महतो, डॉ. इंद्रनील खान और मालती रावा रॉय।
प्रमुख राज्य मंत्री: अशोक डिंडा, शांतनु प्रामाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती, उमेश राय, जोएल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, कौशिक चौधरी, गार्गी दास घोष, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी और सुमना सरकार।
नया सवेरा, नया संकल्प: मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और मुख्यमंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकें की थीं। सरकार का दावा है कि ‘अन्नपूर्णा योजना’ और महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा जैसी चुनावी गारंटियों को जमीन पर उतारने के लिए इस टीम को पूरी ऊर्जा के साथ मैदान में उतारा गया है।